
बीरभूम : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को बीरभूम जिले के बोलपुर स्थित तृणमूल कांग्रेस कार्यालय में जिला कोर कमेटी की एक विशेष बैठक आयोजित हुई, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आगामी बोलपुर दौरे और प्रस्तावित रोड शो को सफल बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता अनुब्रत मंडल, काजल शेख, चंद्रनाथ सिंह, सुदीप्त घोष, आशीष बंद्योपाध्याय और विकास राय चौधरी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। यद्यपि बोलपुर और बीरभूम के दोनों सांसद किसी कारणवश इस बैठक में उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन अन्य नेताओं ने पूरे उत्साह और सक्रियता के साथ बैठक में भाग लिया।

बैठक का मुख्य एजेंडा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के संभावित रोड शो की रूपरेखा तय करना था। सूत्रों के अनुसार, यह रोड शो केवल प्रशासनिक उपस्थिति नहीं, बल्कि बंगाली भाषा और संस्कृति के विरुद्ध कथित बाहरी हमलों के जवाब में जनभावना को मजबूत करने का माध्यम होगा।
बैठक में यह तय किया गया कि जिले के विभिन्न कोनों से जनसमूह को किस प्रकार लाया जाएगा, इसके लिए कौन से नेताओं को ज़िम्मेदारी दी जाएगी और जनसंपर्क अभियान को किस रूप में चलाया जाएगा। खास बात यह रही कि नेताओं ने इस बात पर विशेष ज़ोर दिया कि ममता बनर्जी के इस दौरे को केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक चेतना अभियान के रूप में प्रस्तुत किया जाए।

पार्टी के वरिष्ठ नेता आशीष बंद्योपाध्याय ने कहा, “मुख्यमंत्री का दौरा पार्टी के लिए अत्यंत अहम है। हम संगठनात्मक दृष्टि से पूरी तरह तैयार हैं और जिले के प्रत्येक क्षेत्र से समर्थकों को लाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास कर रहे हैं।”
बैठक के अंत में यह भी तय हुआ कि रोड शो को ऐतिहासिक रूप देने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक कलाकारों की सहभागिता और पारंपरिक बांग्ला प्रतीकों का भी समावेश किया जाएगा। तृणमूल कांग्रेस इसे बंगाली अस्मिता का उत्सव मान रही है और हर हाल में इसे सफल बनाना चाहती है।














Users Today : 8
Users Yesterday : 16