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विद्यालयों में शतरंज शिक्षा बढ़ावा हेतु पीबीडीसीए का विशेष अभियान

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आसनसोल :  शुक्रवार को पश्चिम बर्दवान डिस्ट्रिक्ट चेस एसोसिएशन (पीबीडीसीए) की ओर से विद्यालय स्तर पर शतरंज शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय शतरंज ओरियंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन इंटरनेशनल चेस मास्टर अतनु लाहिड़ी ने किया, जो पाँच देशों के राष्ट्रीय कोच रह चुके हैं, पूर्व कॉमनवेल्थ शतरंज चैंपियन हैं तथा वर्तमान में बंगाल शतरंज संघ के मुख्य संरक्षक हैं।

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इस अभियान के दौरान पीबीडीसीए के अध्यक्ष मुकेश कुमार तोदी, कार्यकारी अध्यक्ष तपन दासगुप्ता, उपाध्यक्ष मधु डुमरेवाल और कोषाध्यक्ष दामोदर कुमार के नेतृत्व में आसनसोल इंटरनेशनल स्कूल, श्रीश्री अकादमी, कन्यापुर हाई स्कूल और फीड विद्यालय का दौरा किया गया। यहाँ विद्यार्थियों को शतरंज के मूलभूत नियमों, रणनीतियों और मानसिक विकास में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी गई।

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कार्यक्रम में लगभग 400 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने न केवल खेल के नियम सीखे बल्कि एकाग्रता और निर्णय क्षमता जैसे गुणों पर भी चर्चा की। शतरंज के माध्यम से छात्रों में तार्किक सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया गया।

इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। डॉ. ए.के. शर्मा, सौरमिष्ठा चंदा पॉल, कप्तान आलोकेश सेन, मौसमी बनर्जी, सुरजीत भट्टाचार्य, बर्नवाल तिवारी और चंद्रशेखर कुंडू ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक कदम बताया। उन्होंने भविष्य में भी शतरंज शिक्षा को विद्यालय पाठ्यक्रम में शामिल करने की दिशा में सहयोग का भरोसा दिलाया।

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पीबीडीसीए के अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों को खेल के माध्यम से मानसिक विकास, धैर्य और रणनीतिक सोच के लिए प्रेरित करते हैं। उनका लक्ष्य है कि जिले के अधिक से अधिक विद्यालयों तक इस अभियान को पहुँचाया जाए, ताकि शतरंज शिक्षा के माध्यम से छात्रों का समग्र व्यक्तित्व विकास हो सके।

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