
आसनसोल : औद्योगिक शहर आसनसोल में बीते कुछ महीनों से मोटरसाइकिल चालकों द्वारा मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग करके तेज़ आवाज़ पैदा करने की समस्या से आमजन त्रस्त थे। यह न केवल ध्वनि प्रदूषण को बढ़ावा दे रहा था, बल्कि शहर के स्कूल, अस्पताल और रिहायशी इलाकों में लोगों के लिए दिन-रात की शांति भंग हो रही थी। स्थानीय निवासियों की लगातार शिकायतों के बाद अंततः मंगलवार को ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती दिखाई।जुबली मोड़ इलाके में ट्रैफिक पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में दर्जनों ऐसी मोटरसाइकिलों को पकड़ा गया,

जिनमें कानफोड़ू मॉडिफाइड साइलेंसर लगे थे। पुलिस ने मौके पर ही इन बाइकों से साइलेंसर निकाले और उन्हें तोड़ दिया। साथ ही नियम तोड़ने वाले चालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की गई।यह कार्रवाई आसनसोल उत्तर ट्रैफिक गार्ड के ओसी आशराफुल इस्लाम के नेतृत्व में की गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह सिर्फ एक शुरुआत है, आने वाले दिनों में शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के अभियान चलाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन मॉडिफाइड साइलेंसरों से उत्पन्न ध्वनि प्रदूषण न केवल लोगों की नींद और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक है।स्थानीय लोगों ने पुलिस के इस कदम का खुलकर स्वागत किया। एक निवासी ने बताया, “रात में तेज आवाज़ से बच्चों की नींद टूट जाती थी, बुज़ुर्ग परेशान रहते थे और बीमार मरीजों की स्थिति और बिगड़ जाती थी। यह कार्रवाई हमारे लिए राहत लेकर आई है।”अभियान के दौरान बाइक चालकों को यह भी समझाया गया कि ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए यह सख्ती आवश्यक है।

आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट का यह प्रयास न केवल शहर के पर्यावरण की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा, बल्कि जनजीवन में भी शांति लौटाएगा। ट्रैफिक विभाग का यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा और उल्लंघनकर्ताओं को बख्शा नहीं जाएगा। इस सख्ती से आसनसोल को एक शांत और अनुशासित शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।














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