
आसनसोल : रक्षाबंधन के पावन अवसर पर शनिवार को पूरा आसनसोल भाईचारे, प्रेम और सुरक्षा के रंग में रंगा नजर आया। शहर के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों, पुलिस विभाग और सामाजिक संगठनों ने मिलकर “राखी उत्सव” के अनूठे आयोजन किए, जिनमें न सिर्फ पारंपरिक भाई-बहन के रिश्ते का सम्मान हुआ, बल्कि समाज में विश्वास, सुरक्षा और एकता का संदेश भी दिया गया।
बीएनआर मोड़ स्थित रविंद्र भवन के सामने पश्चिम बंगाल के मंत्री मलय घटक की पत्नी सुदेशना घटक ने अपनी महिला सहयोगियों के साथ विशेष राखी उत्सव का आयोजन किया। उन्होंने राहगीरों, बस और ऑटो चालकों, रिक्शा चालकों, मजदूरों, स्थानीय दुकानदारों से लेकर बिहार, झारखंड, ओडिशा और उत्तर प्रदेश से आए लोगों तक को राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना की। सुदेशना घटक ने कहा कि राखी केवल भाई-बहन का त्योहार नहीं, बल्कि यह विश्वास, सम्मान और सुरक्षा के वचन का प्रतीक है, जिसे समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचाना चाहिए।

इसी दिन आसनसोल नॉर्थ ट्रैफिक गार्ड ने कल्ला मोड़ स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा को लेकर अनोखा अभियान चलाया। बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट के वाहन चला रहे लोगों को रोककर बहनों ने उन्हें राखी बांधी और यातायात नियमों का पालन करने का आग्रह किया। ट्रैफिक गार्ड प्रभारी मोहम्मद अशरफुल ने कहा कि राखी का अर्थ केवल बहनों की रक्षा का वचन देना नहीं, बल्कि खुद की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। इस मौके पर कई वाहन चालकों ने अपनी गलती स्वीकार कर भविष्य में नियमों का पालन करने का वादा किया।


भगत सिंह मोड़ स्थित यूथ हॉस्टल के सामने भी राखी उत्सव मनाया गया, जहां आने-जाने वाले राहगीरों को राखी बांधी गई। इस अवसर पर आसनसोल दक्षिण थाना प्रभारी कौशिक कुंडू को भी महिलाओं ने राखी बांधी। उन्होंने इसे अपने लिए भावुक और यादगार क्षण बताया और कहा कि इस स्नेह ने साबित कर दिया कि लोग अब भी पुलिस को अपना मानते हैं। कार्यक्रम आयोजक अनामिका ने बताया कि यह पहल खासकर उन लोगों के लिए थी जिनकी बहनें दूर रहती हैं, ताकि वे भी राखी का सुख महसूस कर सकें।

उधर, वार्ड संख्या 86 के बटतला क्षेत्र में वार्ड पार्षद एवं एमएमआईसी मानस दास के नेतृत्व में विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं, स्थानीय निवासियों, सामाजिक संगठनों और बच्चों ने भाग लिया। महिलाओं ने राखी बांधकर भाईचारे का संदेश दिया और बच्चों ने भी अपने दोस्तों व पड़ोसियों को राखी बांधने में उत्साह दिखाया। मानस दास ने कहा कि राखी केवल त्योहार नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आपसी विश्वास और एकता को मजबूत करता है।

इन सभी आयोजनों में माहौल उत्सवमय रहा—रंग-बिरंगी सजावट, पारंपरिक गीत-संगीत, बच्चों की खिलखिलाहट और बुजुर्गों की सहभागिता ने रक्षाबंधन को और भी यादगार बना दिया। मिठाइयों का वितरण, आत्मीय बातचीत और अनजान लोगों को भी अपने जैसा मानकर राखी बांधने की परंपरा ने यह संदेश दिया कि रिश्ते केवल खून से नहीं, बल्कि विश्वास, प्रेम और सम्मान से भी बनते हैं।
आसनसोल में इस वर्ष का रक्षाबंधन केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं रहा, बल्कि यह प्रेम, सुरक्षा, सामाजिक एकता और जनजागरूकता का अद्वितीय संगम बन गया। चाहे सड़क सुरक्षा अभियान हो, पुलिस और नागरिकों के बीच अपनत्व का प्रदर्शन, प्रवासी लोगों को शामिल करना या राजनीतिक व सामाजिक संगठनों की सहभागिता—हर आयोजन ने एक ही संदेश दिया कि हम सब एक परिवार हैं, और एक-दूसरे की रक्षा, सम्मान और सुख-समृद्धि में ही समाज की असली शक्ति निहित है।














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