
दुर्गापुर : पश्चिम बर्धमान ज़िले के कांकसा बामुनारा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक निजी पाइप निर्माण फैक्ट्री में रविवार रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। क्रेन से गिरा भारी चुंबक सीधे 25 वर्षीय मज़दूर सायन यादव के सिर पर आ गिरा, जिससे उसका सिर धड़ से अलग हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक सायन यादव दुर्गापुर के सागरभंगा इलाके का निवासी था। इस घटना में दो अन्य मज़दूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें विधाननगर और शोभापुर के निजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर और गेट पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। सहकर्मी मज़दूरों ने मुआवज़े और सुरक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा रात की पाली में हुआ, जब सभी मज़दूर अपने-अपने काम में व्यस्त थे। अचानक क्रेन का चुंबक टूटकर गिरा और सायन के सिर पर लगा। बाकी दो मज़दूर पास ही काम कर रहे थे और चोटिल हो गए। हादसे के तुरंत बाद फैक्ट्री में अफरातफरी मच गई, लेकिन मज़दूरों का आरोप है कि रातभर कोई फैक्ट्री अधिकारी मौके पर नहीं आया और न ही प्राथमिक उपचार या एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध थी।

ठेका मज़दूर मोहम्मद ओसामा ने आरोप लगाया, “यह हादसा कोई पहली बार नहीं हुआ। सुरक्षा इंतज़ाम न होने के कारण आए दिन ऐसी घटनाएँ हो रही हैं। फ़ैक्ट्री में न डॉक्टर है, न एम्बुलेंस। हम बिना पहचान पत्र के काम कर रहे हैं और हमारी सुरक्षा को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। जब तक मुआवज़ा और उचित सुरक्षा व्यवस्था नहीं होगी, हम आंदोलन जारी रखेंगे।”
घटना की सूचना मिलते ही कांकसा पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए दुर्गापुर उपजिला अस्पताल भेज दिया। वहीं, आईएनटीटीयूसी कोर कमेटी के सदस्य राजेश कोनार भी मौके पर पहुँचे और कहा, “हमने फ़ैक्ट्री प्रबंधन से मृतक के परिजनों को उचित मुआवज़ा देने और घायल मज़दूरों का पूरा इलाज कराने की मांग की है। यदि प्रबंधन ने लापरवाही बरती, तो हम बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएँगे।”

स्थानीय लोगों का कहना है कि बामुनारा औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी आम बात हो गई है। फैक्ट्री मालिक अधिक उत्पादन के दबाव में सुरक्षा उपकरण और प्रक्रियाओं पर खर्च कम कर रहे हैं, जिससे मज़दूरों की जान पर लगातार खतरा बना हुआ है। इस घटना के बाद प्रशासन और श्रम विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों समय-समय पर निरीक्षण नहीं होता और सुरक्षा नियम लागू नहीं कराए जाते।
मज़दूर संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई और सुरक्षा मानकों को लागू करने की ठोस पहल नहीं की गई, तो वे व्यापक हड़ताल करेंगे। वहीं, मृतक सायन यादव के घर पर मातम पसरा हुआ है। परिजनों ने मांग की है कि न केवल मुआवज़ा दिया जाए, बल्कि दोषी अधिकारियों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई हो।














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