
आसनसोल : आसनसोल इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट पॉलिटेक्निक ने मंगलवार को अपने 13वें स्थापना दिवस के अवसर पर कॉलेज परिसर में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया। दिनभर चले इस आयोजन में शिक्षा, सामाजिक सेवा और सांस्कृतिक गतिविधियों का अद्भुत मेल देखने को मिला। मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद आमंत्रित अतिथियों का सम्मान किया गया।
स्थापना दिवस के अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन विशेष आकर्षण रहा, जिसमें छात्र-छात्राओं और स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पौधारोपण अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। साथ ही कॉलेज की तकनीकी पत्रिका और वार्षिक समाचार पत्र ‘2025’ का विमोचन किया गया। इस मौके पर आसनसोल रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी सौमात्मानंद जी महाराज, कॉलेज के संस्थापक और निदेशक हरिनारायण मिश्रा, प्राचार्या डॉ. लिसा मिश्रा, रक्तदान आंदोलन के प्रणेता प्रबीर धर, सीआर राउत और तन्मय सिंघा सहित कई विशिष्टजन मौजूद थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी सौमात्मानंद जी महाराज ने हरिनारायण मिश्रा और डॉ. लिसा मिश्रा के शैक्षणिक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों के प्रयासों से आसनसोल उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। अब यहां के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता, जिससे क्षेत्र का सामाजिक और आर्थिक विकास हो रहा है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि यह जोड़ी इसी तरह शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ती रहे।
स्थापना दिवस के महत्व पर बात करते हुए संस्थापक हरिनारायण मिश्रा ने कहा कि 13 वर्ष पहले कॉलेज की स्थापना के समय कई चुनौतियां थीं, लेकिन टीमवर्क, समर्पण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता के कारण आज यह संस्थान हजारों छात्रों के सपनों को साकार कर रहा है। उन्होंने गर्व से बताया कि यहां के छात्र ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, टाटा पावर, जेएसडब्ल्यू, विप्रो, रिलायंस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों में सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान में शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाता। शिक्षक समय पर सिलेबस पूरा करवाते हैं, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देते हैं और आधुनिक तकनीकी ज्ञान से लैस करते हैं। यही कारण है कि यहां कभी भी शिक्षा की कमी को लेकर छात्र आंदोलन नहीं होते, बल्कि वे गर्व से इस संस्थान का नाम रोशन करते हैं।
स्थापना दिवस के अंत में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसमें विद्यार्थियों ने नृत्य, गीत और नाट्य प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। पूरा आयोजन शिक्षा, समाजसेवा और सांस्कृतिक समृद्धि के अद्भुत संगम के रूप में यादगार बन गया।














Users Today : 2
Users Yesterday : 16