
आसनसोल : बुधवार को आसनसोल के रेलपार स्थित हाजीनगर इलाके में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की कार्रवाई से सनसनी फैल गई। मानव तस्करी के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार दंपति रानी खातून और मोहम्मद बिलाल को लेकर सीबीआई की टीम ने इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। अचानक हुई इस छापेमारी से हाजीनगर, बालू मैदान, मक्खू मोहल्ला और बाबू तालाब क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार दंपति पर आरोप है कि वे गरीब एवं असहाय लड़कियों को शादी का झांसा देकर ऊँची कीमत पर बेचते थे। यह मामला वर्ष 2024 में वर्धमान जिले में हुई एक संदिग्ध शादी से जुड़ा है, जिसमें रेलपार क्षेत्र की एक युवती को शादी के मात्र दो-तीन दिन बाद बेच दिया गया था। पीड़िता किसी तरह साहस जुटाकर रायना थाने पहुंची और मामले की शिकायत दर्ज कराई।

पीड़िता का आरोप है कि स्थानीय पुलिस से उसे उचित मदद नहीं मिली, जिसके बाद उसने कलकत्ता उच्च न्यायालय में अपील की। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंप दी। अदालत के निर्देश के बाद सीबीआई ने गुप्त रूप से जांच शुरू की और रविवार को इस दंपति को गिरफ्तार करने में सफलता पाई।
बुधवार की कार्रवाई के दौरान सीबीआई अधिकारियों ने गिरफ्तार आरोपियों को साथ लेकर इलाके के कई ठिकानों पर छापेमारी की। तलाशी के समय बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी घटनास्थल पर एकत्र हो गए। कई लोग अपने लापता बेटियों की जानकारी लेने की कोशिश में उत्तर थाना पहुंचे। इस दौरान लोगों में आक्रोश साफ झलक रहा था।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि रेलपार इलाके में बीते कुछ वर्षों से नशे का कारोबार और मानव तस्करी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। कई अभिभावकों ने आरोप लगाया कि उनकी बेटियाँ अचानक लापता हो जाती हैं और वर्षों तक कोई सुराग नहीं मिलता। फरीदा नाज़ नामक एक महिला ने दावा किया कि उनकी रिश्तेदार नूरजहाँ खातून नौ साल पहले शादी के बहाने ले जाई गई थी और फिर कभी वापस नहीं लौटी। उनका संदेह है कि उसे भी इसी गिरोह ने बेच दिया था।

छापेमारी में जुटे अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार दंपति से पूछताछ के बाद एक बड़े अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है। प्रारंभिक जांच में यह भी संभावना जताई गई है कि अब तक इस गिरोह ने दर्जनों लड़कियों को देश के विभिन्न हिस्सों में बेचा है।
स्थानीय सामाजिक संगठनों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि अपराधियों को सख्त सजा मिलेगी। वहीं, कई युवाओं ने संकल्प लिया कि वे अपने इलाके से ऐसे आपराधिक तत्वों को समाप्त करने के लिए पुलिस और प्रशासन का सहयोग करेंगे।
गिरफ्तार दंपति को बुधवार शाम कलकत्ता उच्च न्यायालय में पेश किया जाएगा। सीबीआई को आशा है कि न्यायालय से पूछताछ के लिए रिमांड मिलने पर इस रैकेट के बाकी सदस्यों तक पहुंचा जा सकेगा।

इलाके के बुजुर्ग निवासियों का कहना है कि हाजीनगर कभी शांत और सौहार्दपूर्ण माहौल वाला इलाका था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यहां अपराध का जाल फैलता चला गया। उन्होंने प्रशासन से नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
सीबीआई सूत्रों का मानना है कि इस रैकेट का नेटवर्क न केवल पश्चिम बंगाल बल्कि अन्य राज्यों में भी फैला हुआ है। तलाशी में बरामद दस्तावेज़ और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से इस गिरोह के कई अन्य ठिकानों और सहयोगियों की पहचान होने की संभावना है।
इस कार्रवाई के बाद हाजीनगर और आसपास के इलाकों में लोगों में राहत की भावना तो है, लेकिन साथ ही डर भी बना हुआ है कि जब तक इस नेटवर्क के सभी सदस्य पकड़े नहीं जाते, तब तक खतरा पूरी तरह टला नहीं है। सीबीआई ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी पारदर्शिता से की जाएगी।














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