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अंतिम क्षण में मास्टर्स परीक्षा रद्द, छात्रों में असमंजस गहराया

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पूर्व बर्दवान :  बर्दवान विश्वविद्यालय ने गुरुवार को होने वाली स्नातकोत्तर (मास्टर्स) परीक्षा को अचानक रद्द कर दिया। बुधवार रात लिए गए इस फैसले ने छात्रों और उनके अभिभावकों को असमंजस की स्थिति में डाल दिया। परीक्षा रद्द होने से हजारों छात्र-छात्राओं की तैयारियां अधर में लटक गईं और कई अभिभावक विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगे।

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विश्वविद्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार, गुरुवार सुबह 11 बजे से बंगाली विषय का ‘टर्म पेपर’ और ‘कम्युनिटी एंगेजमेंट’ की मौखिक परीक्षा निर्धारित थी। लेकिन परीक्षा शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही इसे रद्द कर दिया गया। विश्वविद्यालय सूत्रों ने दावा किया कि छात्रों के अनुरोध पर यह निर्णय लिया गया। उनका कहना था कि गुरुवार को यात्रा संबंधी कठिनाइयों के कारण बड़ी संख्या में परीक्षार्थी समय पर परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच पाएंगे।

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हालांकि, इस फैसले को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि परीक्षा रद्द करने के पीछे राजनीतिक कारण छिपे हो सकते हैं। दरअसल, गुरुवार को तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) का स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र कोलकाता रवाना हुए, जिससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई। वामपंथी छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया कि टीएमसीपी के कार्यक्रम को देखते हुए परीक्षा स्थगित की गई, जो पूरी तरह अनुचित है।

वामपंथी छात्र नेताओं ने इसे शैक्षणिक व्यवस्था पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि शिक्षा के नाम पर राजनीति हावी हो रही है। उन्होंने मांग की कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस निर्णय पर पुनर्विचार करे और जल्द से जल्द नई तारीख की घोषणा करे। वहीं, तृणमूल छात्र परिषद ने इस पूरे विवाद पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

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दिलचस्प बात यह है कि जहां बर्दवान विश्वविद्यालय ने परीक्षा रद्द कर दी, वहीं कोलकाता विश्वविद्यालय ने अपनी निर्धारित परीक्षाएं बिना किसी बदलाव के संपन्न कराईं। इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि यदि परिवहन समस्या वास्तव में बड़ी थी, तो फिर अन्य विश्वविद्यालयों ने परीक्षाएं क्यों नहीं स्थगित कीं।

अचानक लिए गए इस निर्णय ने छात्रों की तैयारियों पर पानी फेर दिया है। कई छात्र-छात्राओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अंतिम क्षण में परीक्षा रद्द करना उनके लिए मानसिक दबाव का कारण बना। एक छात्रा ने कहा – “हमने महीनों मेहनत की, तैयारी की। अब एक रात पहले परीक्षा रद्द कर दी गई। यह हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ है।”

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