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न्यू केंदा ओसीपी से जहरीला धुआँ, ग्रामीणों में दहशत का माहौल

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आसनसोल :  ईसीएल केंदा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली न्यू केंदा कोलियरी के ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (ओसीपी) से सोमवार की दोपहर अचानक भारी मात्रा में धुआँ निकलने लगा। देखते ही देखते पूरा क्षेत्र जहरीले धुएँ की चपेट में आ गया। मंगलवार को भी ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भय और चिंता का वातावरण बना हुआ है।

धुएँ से सांस लेने में तकलीफ

सूत्रों के अनुसार, ओसीपी से निकल रहे धुएँ में जहरीली गैसें—मीथेन और कार्बन मोनोऑक्साइड—शामिल हैं। इनसे आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सांस लेने में कठिनाई हो रही है। मंडल पाड़ा निवासी अमर बरनवाल ने बताया कि खदान से हल्का धुआँ पहले भी निकलता था, लेकिन सोमवार शाम बारिश के दौरान धुआँ अचानक बहुत अधिक हो गया। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि पूरा मंडल पाड़ा धुएँ से ढक गया और लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया।

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भूस्खलन का भी खतरा

स्थानीय लोगों का कहना है कि जहरीले धुएँ के साथ-साथ ओसीपी के आसपास भूस्खलन का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है। यह भय बच्चों और बुजुर्गों में और अधिक दिखाई दे रहा है, जिन्हें साँस संबंधी बीमारियों का खतरा ज्यादा है।

प्रबंधन पर गंभीर आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि ईसीएल प्रबंधन ने वर्षों से उनकी समस्याओं की अनदेखी की है। मंडल पाड़ा और आसपास की बस्तियों के लोग लंबे समय से खदान से निकलने वाले धुएँ और गैसों से परेशान हैं। अमर बरनवाल ने चेतावनी दी कि यदि कंपनी जल्द से जल्द पुनर्वास की व्यवस्था नहीं करती, तो किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी ईसीएल प्रबंधन पर होगी।

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ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि उन्हें सुरक्षित स्थानों पर बसाने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि जब तक पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक ईसीएल को तत्काल राहत उपाय करने चाहिए—जैसे धुएँ को नियंत्रित करने के लिए तकनीकी उपाय और आसपास के क्षेत्रों में चिकित्सा शिविर की स्थापना। घटना के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई अब तक सामने नहीं आई है। लोग आशंकित हैं कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले दिनों में खतरनाक स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने भी जिला प्रशासन से अपील की है कि वे तुरंत हस्तक्षेप करें और प्रभावित परिवारों को राहत पहुँचाएँ।

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