
आसनसोल : सोमवार को आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की सराहनीय पहल “फिरे पावा” (अर्थात वापस पाना) ने बर्धमान भवन में मौजूद लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी। आसनसोल दक्षिण थाना पुलिस ने चोरी और गुमशुदगी के मामलों में बरामद करीब 60 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को सौंपकर यह साबित किया कि पुलिस न केवल अपराध पर रोक लगाने में सक्षम है, बल्कि लोगों की खुशी वापस लाने में भी तत्पर है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बीते कुछ महीनों में अलग-अलग क्षेत्रों से मोबाइल चोरी और गुमशुदगी की कई शिकायतें दर्ज हुई थीं। इन मामलों की जांच के दौरान पुलिस ने सक्रियता से काम करते हुए दर्जनों मोबाइल बरामद किए।

सभी मोबाइल की जांच और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया। जैसे ही लोगों ने अपने-अपने मोबाइल हाथ में लिए, उनकी आंखों में खुशी और चेहरे पर राहत साफ झलकने लगी। एक बुजुर्ग ने तो भावुक होकर कहा, “आज लगता है, पुलिस हमारे लिए परिवार की तरह खड़ी है।”कार्यक्रम में एसीपी सेंट्रल विश्वजीत नसकर, आसनसोल दक्षिण थाना प्रभारी कौशिक कुंडू सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि “फिरे पावा” जैसी पहल आगे भी लगातार जारी रहेगी। उनका कहना था कि यह केवल मोबाइल लौटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता के मन में पुलिस के प्रति विश्वास को मजबूत करने का प्रयास है।पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि चोरी के मामलों में बरामद सामान को जल्द से जल्द मालिकों तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। इसके लिए न केवल तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल किया जाता है, बल्कि इलाके के मुखबिरों और स्थानीय नेटवर्क की भी अहम भूमिका रहती है।

मोबाइल वापस पाने वालों में कई ऐसे लोग भी थे, जिनके लिए यह फोन रोज़ी-रोटी का साधन था। एक युवक ने कहा, “मेरा मोबाइल खोने से मेरा ऑनलाइन काम रुक गया था, आज इसे वापस पाकर मैं फिर से काम शुरू कर पाऊंगा।”सोमवार का यह कार्यक्रम आसनसोल में एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है, जहां पुलिस की यह सकारात्मक छवि लोगों के मन में एक नई उम्मीद जगा रही है।














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