मॉडिफाइड साइलेंसर पर सख्ती, ट्रैफिक गार्ड का विशेष जांच अभियान

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बराकर :  सोमवार को बराकर क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण और यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक जांच अभियान चलाया। बराकर सब ट्रैफिक गार्ड की ओर से मॉडिफाइड साइलेंसर लगे दोपहिया वाहनों पर नकेल कसने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान बेगुनिया चेकपोस्ट के समीप संचालित किया गया। अभियान का नेतृत्व प्रभारी विनय नायक एवं एएसआई रविंद्रनाथ लायक ने किया। कार्रवाई के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले कई मोटरसाइकिल चालकों पर जुर्माना लगाया गया तथा अवैध रूप से लगाए गए मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त किए गए।

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सोमवार सुबह से ही बेगुनिया चेकपोस्ट पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सघन वाहन जांच शुरू की गई। चिरकुंडा की ओर से आने वाली मोटरसाइकिलों को विशेष रूप से रोका गया और एक-एक कर उनकी तकनीकी जांच की गई। ट्रैफिक पुलिस ने आधुनिक यंत्रों की सहायता से साइलेंसर की ध्वनि तीव्रता और बनावट की बारीकी से पड़ताल की। जांच में जिन वाहनों के साइलेंसर मानक से अधिक आवाज करते पाए गए या जिनमें अवैध परिवर्तन किया गया था, उन्हें तत्काल नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में रखा गया।

ट्रैफिक अधिकारियों ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत मॉडिफाइड साइलेंसर का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे साइलेंसर न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि आम नागरिकों के लिए गंभीर परेशानी का कारण भी बनते हैं। तेज और कर्कश आवाज से बुजुर्गों, बच्चों और रोगियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, साथ ही यह ध्वनि प्रदूषण को भी बढ़ाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सोमवार को अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया गया।

कार्रवाई के दौरान जिन वाहनों में नियमों के विपरीत साइलेंसर पाए गए, उनके साइलेंसर मौके पर ही खोलकर जब्त कर लिए गए। संबंधित वाहन चालकों से नियमानुसार जुर्माना वसूला गया और उन्हें भविष्य में नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी गई। कुछ चालकों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए दोबारा इस तरह के परिवर्तन न करने का आश्वासन भी दिया।

इससे पहले रविवार देर शाम कुल्टी ट्रैफिक गार्ड पुलिस ने कुल्टी कॉलेज मोड़ के समीप भी इसी प्रकार का विशेष अभियान चलाया था। उस दौरान सिविक पुलिस के जवान भी मौके पर मौजूद रहे। संयुक्त कार्रवाई के कारण इलाके में नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। कई बाइक सवारों को रास्ते में ही रोका गया और उनके वाहनों की जांच की गई। इस अभियान का असर यह रहा कि देर शाम तक क्षेत्र में तेज आवाज वाले दोपहिया वाहनों की संख्या में स्पष्ट कमी देखी गई।

सोमवार को बराकर में की गई सख्त कार्रवाई का असर झारखंड की ओर से आने वाले वाहन चालकों पर भी देखने को मिला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही कई बाइक सवारों ने दूर से ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग देखी, वे बिना आगे बढ़े ही चिरकुंडा की दिशा में वापस लौट गए। इससे यह स्पष्ट हो गया कि प्रशासन की सख्ती का संदेश दूर-दराज तक पहुंच चुका है।

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ट्रैफिक अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान केवल जुर्माना वसूलने के लिए नहीं, बल्कि लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मॉडिफाइड साइलेंसर से होने वाला ध्वनि प्रदूषण कानूनन अपराध है और इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में भी बराकर, कुल्टी और आसपास के क्षेत्रों में इसी तरह के विशेष जांच अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे।

प्रशासन की इस कार्रवाई को स्थानीय नागरिकों ने सराहा है। लोगों का कहना है कि तेज आवाज वाले वाहनों के कारण लंबे समय से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विशेषकर रात के समय ऐसी बाइकें इलाके की शांति भंग कर देती थीं। अब ट्रैफिक पुलिस की सख्ती से उम्मीद जगी है कि क्षेत्र में शोर-शराबे पर नियंत्रण लगेगा और यातायात व्यवस्था अधिक अनुशासित होगी।

सोमवार को पूरे बराकर क्षेत्र में यह संदेश साफ तौर पर गया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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