आसनसोल/रानीगंज : अवैध कब्जों पर अंकुश लगाने तथा संभावित दुर्घटनाओं की आशंका को समाप्त करने के उद्देश्य से ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने मंगलवार को व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। श्रीपुर-सातग्राम क्षेत्र के भनोड़ा-गिरमिंट ग्रुप अंतर्गत गिरमिंट क्षेत्र स्थित चाल्लिश धावड़ा में जर्जर एवं परित्यक्त आवासों को बुलडोजर की सहायता से ध्वस्त करने की कार्रवाई प्रारंभ की गई। अभियान के पहले चरण में लगभग 20 परित्यक्त आवासों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई।

अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मौके पर ईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी, आसनसोल उत्तर थाना पुलिस, ईसीएल सुरक्षा विभाग तथा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवान तैनात रहे। प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।
ईसीएल अधिकारियों के अनुसार, जिन आवासों को हटाया जा रहा है वे लंबे समय से अत्यंत जर्जर अवस्था में थे। भवनों की स्थिति इतनी खराब हो चुकी थी कि किसी भी समय उनके ढहने से गंभीर दुर्घटना और जनहानि की आशंका बनी हुई थी। इसके बावजूद कुछ लोग इन परित्यक्त आवासों में अनधिकृत रूप से निवास कर रहे थे, जिससे सुरक्षा संबंधी जोखिम लगातार बढ़ रहा था।
अधिकारियों ने बताया कि संबंधित लोगों को कई बार मौखिक और लिखित रूप से आवास खाली करने का अनुरोध किया गया था। इसके अतिरिक्त निर्धारित प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी कर समय-सीमा के भीतर परिसर खाली करने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बावजूद जब अवैध कब्जाधारियों ने निर्देशों का पालन नहीं किया, तब नियमानुसार कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
ईसीएल द्वारा 22 जुलाई को अंतिम नोटिस जारी किए जाने के बाद निर्धारित समय पूरा होने पर मंगलवार से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई किसी को परेशान करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा कंपनी की परिसंपत्तियों की रक्षा के लिए की जा रही है।

भनोड़ा-गिरमिंट ग्रुप की डिप्टी मैनेजर जयश्री यादव तथा सर्वे अधिकारी संजय चट्टोपाध्याय ने बताया कि संबंधित आवास रहने योग्य नहीं रह गए थे। तकनीकी निरीक्षण में उन्हें अत्यंत जोखिमपूर्ण पाया गया था। इसलिए संभावित दुर्घटनाओं से बचाव के लिए इन्हें हटाना आवश्यक हो गया था। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को पर्याप्त समय दिया गया, किंतु निर्धारित अवधि में आवास खाली नहीं किए गए।
ईसीएल ने यह भी स्पष्ट किया कि अभियान पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार चरणबद्ध ढंग से संचालित किया जा रहा है। शेष जर्जर संरचनाओं को भी आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर हटाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान अगले दो दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। भविष्य में भी ईसीएल की परित्यक्त एवं खतरनाक परिसंपत्तियों पर अवैध कब्जे रोकने तथा औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों का मानना है कि इस अभियान से न केवल दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और औद्योगिक परिसंपत्तियों के संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।














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