बाराबनी : पश्चिम वर्धमान जिले की महत्वपूर्ण बाराबनी विधानसभा सीट को लेकर लंबे समय से जारी अटकलों पर मंगलवार को विराम लग गया। भारतीय जनता पार्टी ने आखिरकार इस सीट के लिए अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी है। पार्टी ने एक बार फिर अरिजीत राय पर भरोसा जताते हुए उन्हें चुनावी मैदान में उतारने का निर्णय लिया है। इस घोषणा के साथ ही राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं और कयासों का अंत हो गया।
दरअसल, भाजपा ने जिले की कुल नौ विधानसभा सीटों में से आठ पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा पहले ही कर दी थी, लेकिन बाराबनी सीट को लेकर सस्पेंस बरकरार था। इस देरी ने स्थानीय राजनीतिक माहौल को और भी गर्म कर दिया था। विभिन्न संभावित नामों को लेकर चर्चाएं तेज थीं और यह सवाल बना हुआ था कि पार्टी इस बार किसे मौका देगी।
मंगलवार को जैसे ही पार्टी की ओर से आधिकारिक सूची जारी हुई, यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा ने पिछले चुनाव के अपने उम्मीदवार अरिजीत राय पर ही पुनः भरोसा जताया है। उल्लेखनीय है कि पिछली बार भी अरिजीत राय ने इस सीट से चुनाव लड़ा था, जहां उनका मुकाबला तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार विधान उपाध्याय से हुआ था। हालांकि उस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने इस बार अनुभव और संगठनात्मक पकड़ को ध्यान में रखते हुए अरिजीत राय को फिर से मैदान में उतारा है। पार्टी को उम्मीद है कि पिछले चुनाव के अनुभव से सीख लेते हुए वे इस बार अधिक मजबूत चुनौती पेश करेंगे। वहीं, स्थानीय स्तर पर भी उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
दूसरी ओर, बाराबनी सीट पर तृणमूल कांग्रेस के विधायक विधान उपाध्याय का प्रभाव लंबे समय से कायम है। ऐसे में मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना जताई जा रही है। अरिजीत राय के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि वे इस मजबूत राजनीतिक पकड़ को किस तरह चुनौती देते हैं और मतदाताओं को अपने पक्ष में आकर्षित कर पाते हैं या नहीं।
मंगलवार को हुई इस घोषणा के बाद बाराबनी क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी और तेज हो गई है। दोनों प्रमुख दलों के कार्यकर्ता सक्रिय हो गए हैं और जनसंपर्क अभियान को गति देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। आने वाले दिनों में यह मुकाबला और अधिक रोचक होने की संभावना है, क्योंकि दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी रणनीतियों को धार देने में जुट जाएंगे।
फिलहाल, भाजपा के इस फैसले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी इस सीट को लेकर गंभीर है और किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगामी चुनाव में अरिजीत राय किस तरह से अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ प्रदर्शन करते हैं और क्या वे इस बार जीत का परचम लहरा पाते हैं या नहीं।

















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