बांकुड़ा : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर रविवार को चुनावी माहौल और अधिक गरमाता नजर आया, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने बांकुड़ा जिले के सोनामुखी में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उनका एक अलग और प्रभावशाली अंदाज देखने को मिला, जब उन्होंने स्थानीय जनता से सीधे जुड़ने के लिए बांग्ला भाषा का उपयोग किया।

सभा में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही। मंच पर पहुंचते ही योगी आदित्यनाथ का जोरदार स्वागत किया गया। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने बांग्ला में करते हुए कहा कि अब बंगाल चुप नहीं रहेगा और राज्य में बदलाव का समय आ गया है। उन्होंने “खेला खत्म, विकास शुरू” का संदेश देकर उपस्थित जनसमूह को उत्साहित करने का प्रयास किया।
लगभग पच्चीस मिनट के अपने भाषण में योगी आदित्यनाथ ने राज्य की सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान शासन में भ्रष्टाचार और लूट की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे आम जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि राज्य में पारदर्शिता और विकास के लिए सत्ता परिवर्तन आवश्यक है।

अपने भाषण के दौरान उन्होंने महान साहित्यकार Bankim Chandra Chattopadhyay को याद करते हुए बंगाल की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बंगाल की पहचान उसके गौरवशाली इतिहास और साहित्यिक परंपरा से है, लेकिन वर्तमान समय में उस गौरव को ठेस पहुंच रही है।
योगी आदित्यनाथ ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे कथित अत्याचारों का मुद्दा भी उठाया और इस पर राज्य सरकार की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति के कारण ऐसे मुद्दों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती, जिससे समाज में असंतुलन पैदा होता है।
उन्होंने Mamata Banerjee पर निशाना साधते हुए कहा कि वोट बैंक की राजनीति के चलते कई महत्वपूर्ण मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है। योगी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भी कुछ वर्ष पहले ऐसी ही स्थिति थी, लेकिन “डबल इंजन” सरकार के आने के बाद वहां कानून-व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने इस मॉडल को बंगाल में लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि राज्य में भी कानून का राज स्थापित किया जा सकता है।
सभा के अंत में योगी आदित्यनाथ ने लोगों से भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में मतदान करने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता इस बार विकास और सुशासन के मुद्दे पर निर्णय लेगी और राज्य में नई सरकार का गठन होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि योगी आदित्यनाथ का बांग्ला में दिया गया यह संबोधन स्थानीय मतदाताओं के साथ जुड़ने का एक प्रभावी प्रयास है। चुनावी माहौल में इस तरह की रणनीतियां मतदाताओं को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
फिलहाल, सोनामुखी की इस जनसभा ने चुनावी चर्चा को और तेज कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस तरह के आक्रामक प्रचार और भाषाई जुड़ाव का आगामी चुनाव परिणामों पर कितना असर पड़ता है।















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