आसनसोल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच सोमवार को राज्य की सियासत में नया मोड़ देखने को मिला, जब असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली पार्टी एआईएमआईएम ने सक्रिय रूप से चुनावी मैदान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अब तक जहां मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच माना जा रहा था, वहीं एआईएमआईएम की एंट्री ने चुनावी समीकरण को त्रिकोणीय बनाने के संकेत दिए हैं।

इसी कड़ी में आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र से पार्टी ने दानिश अजीज को उम्मीदवार घोषित किया है। सोमवार को ओवैसी अंडाल एयरपोर्ट पहुंचे, जहां पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान दानिश अजीज सहित जिले के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने राज्य की राजनीति और सामाजिक स्थिति पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से पश्चिम बंगाल में खुद को धर्मनिरपेक्ष बताने वाली पार्टियों की सरकार रही है, लेकिन इसके बावजूद मुस्लिम समुदाय शिक्षा, रोजगार और आर्थिक स्थिति के मामले में अपेक्षित प्रगति नहीं कर पाया है।
ओवैसी ने कहा कि मुस्लिम समाज को केवल वोट बैंक के रूप में देखा गया है, जबकि उन्हें समान अधिकारों और अवसरों से युक्त नागरिक के रूप में स्थापित करने की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रमुख राजनीतिक दल मुस्लिम समाज को नेतृत्व की भूमिका में देखना नहीं चाहते, जिससे समुदाय का समग्र विकास बाधित हुआ है।
उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में अल्पसंख्यकों के हितैषी होने का दावा करती है, तो उसे यह स्पष्ट करना चाहिए कि मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे मुस्लिम बहुल जिलों में अब भी गरीबी क्यों व्याप्त है। उन्होंने इन क्षेत्रों में शिक्षा और रोजगार के अवसरों की कमी को भी गंभीर चिंता का विषय बताया।

ओवैसी ने कोलकाता उच्च न्यायालय द्वारा ओबीसी प्रमाणपत्रों को निरस्त किए जाने के मुद्दे को भी उठाया। उनका कहना था कि प्रभावित लोगों में बड़ी संख्या मुस्लिम समुदाय से जुड़ी है, ऐसे में राज्य सरकार को इस विषय पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी सामाजिक न्याय और समान अवसर के मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में उतरी है।
अपने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए ओवैसी ने कहा कि वे आने वाले दिनों में राज्य के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगे और पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभाएं करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी पर लगाए जाने वाले आरोप—कि वह किसी अन्य दल से अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी है—पूरी तरह निराधार हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एआईएमआईएम की सक्रियता विशेष रूप से उन क्षेत्रों में असर डाल सकती है, जहां अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या अधिक है। इससे पारंपरिक वोट बैंक में बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है।















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