आसनसोल। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच रविवार को आसनसोल के लालबंगला इलाके में राजनीतिक तनाव बढ़ गया। भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि पार्टी कार्यकर्ताओं पर उस समय हमला किया गया, जब वे क्षेत्र में महिलाओं से जुड़े अभियान के तहत फॉर्म भरवाने का कार्य कर रहे थे। घटना के बाद भाजपा समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई।

मामला आसनसोल उत्तर थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या 15 का बताया जा रहा है। भाजपा नेताओं के अनुसार, पार्टी कार्यकर्ता स्थानीय महिलाओं से संपर्क अभियान चला रहे थे और आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया में सहयोग कर रहे थे। इसी दौरान अचानक कुछ लोग वहां पहुंचे और विवाद शुरू हो गया। भाजपा का आरोप है कि देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई।
भाजपा ने दावा किया कि हमले में उनके कार्यकर्ता तेज प्रताप सिंह को चोटें आईं। पार्टी का यह भी आरोप है कि महिला कार्यकर्ता राखी हांसदा के साथ दुर्व्यवहार किया गया और उनके कपड़े फाड़ दिए गए। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय निवासियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने भाजपा समर्थकों को भविष्य में क्षेत्र में प्रचार नहीं करने की धमकी भी दी। भाजपा का कहना है कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने और विरोधी दल के कार्यकर्ताओं में भय पैदा करने की कोशिश है।
घटना की सूचना मिलते ही आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी कृष्णेंदु मुखर्जी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर पूरी जानकारी ली और घटना की निंदा की। मुखर्जी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में राजनीतिक हिंसा का वातावरण बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि चुनाव प्रचार करने वालों की सुरक्षा नहीं होगी तो निष्पक्ष चुनाव कैसे संभव होगा।

इसके बाद बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता आसनसोल उत्तर थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। थाने के बाहर पार्टी समर्थकों ने धरना दिया तथा नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि हमले में शामिल लोगों की तत्काल पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
भाजपा नेताओं ने प्रशासन पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने की मांग की है।
दूसरी ओर, इस मामले में तृणमूल कांग्रेस की ओर से देर शाम तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। हालांकि स्थानीय स्तर पर कुछ नेताओं ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि सच्चाई जांच के बाद सामने आएगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है। यदि आवश्यक हुआ तो उपलब्ध वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्य भी खंगाले जाएंगे। पुलिस ने कहा कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
चुनावी माहौल में हुई इस घटना ने आसनसोल उत्तर क्षेत्र की राजनीति को और गर्मा दिया है। अब सबकी नजर पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और आने वाले दिनों के चुनाव प्रचार पर टिकी हुई है।















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