आसनसोल/काहिरा : मिस्र की राजधानी काहिरा में आयोजित आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप के अंतर्गत शुक्रवार को भारतीय निशानेबाजी के युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ी अभिन्नव शॉ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक पहुंचकर देश का गौरव बढ़ाया, हालांकि वह बेहद मामूली अंतर से पदक हासिल करने से चूक गए। 23 अप्रैल को आयोजित 10 मीटर एयर राइफल जूनियर पुरुष वर्ग की स्पर्धा में अभिन्नव ने चौथा स्थान प्राप्त किया, जिससे वह पोडियम तक पहुंचने से मात्र एक कदम दूर रह गए।
प्रतियोगिता के प्रारंभिक चरण यानी क्वालिफिकेशन राउंड में अभिन्नव शॉ ने 630.0 अंकों का प्रभावशाली स्कोर बनाते हुए फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित की। यह प्रदर्शन उनकी तकनीकी दक्षता, मानसिक संतुलन और उच्च स्तरीय तैयारी का प्रमाण माना जा रहा है। फाइनल में देश-विदेश के शीर्ष आठ निशानेबाजों के बीच मुकाबला अत्यंत प्रतिस्पर्धात्मक रहा, जहां हर शॉट निर्णायक साबित हो रहा था।
फाइनल राउंड में अभिन्नव ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी चुनौती पेश की, किंतु अंततः वह पदक से मात्र 0.9 अंक से चूक गए। स्वर्ण पदक उज्बेकिस्तान के खिलाड़ी के नाम रहा, जबकि रजत पदक साइप्रस के निशानेबाज ने हासिल किया। कांस्य पदक भारत की ही प्रतिभाशाली खिलाड़ी वनीता सुरेश के खाते में गया, जिससे भारतीय दल को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई।
प्रतियोगिता के बाद अभिन्नव शॉ ने अपने प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने पूरी मेहनत और समर्पण के साथ खेला, लेकिन यह दिन शायद उनके पक्ष में नहीं रहा। उन्होंने विश्वास जताया कि वह आगामी प्रतियोगिताओं में और बेहतर प्रदर्शन करेंगे तथा देश के लिए पदक अवश्य जीतेंगे। उनके इस आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण की खेल जगत में सराहना की जा रही है।
पश्चिम बंगाल राइफल एसोसिएशन के अध्यक्ष वी.के. धल्ल ने अभिन्नव के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि निशानेबाजी एक ऐसा खेल है, जिसमें हर एक शॉट का विशेष महत्व होता है और छोटी सी चूक भी परिणाम को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा कि फाइनल तक पहुंचना स्वयं में एक बड़ी उपलब्धि है और अभिन्नव ने अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया है कि वह विश्व स्तर के श्रेष्ठ जूनियर निशानेबाजों में शामिल हैं। उन्होंने भविष्य के लिए अभिन्नव को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाले समय में वह निश्चित रूप से देश का नाम रोशन करेंगे।
अभिन्नव के पूर्व विद्यालय के प्रधानाचार्य रवि विक्टर ने भी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि अभिन्नव ने अपने समर्पण और अनुशासन से यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि वह आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बड़ी उपलब्धियां अर्जित करेंगे।
कुल मिलाकर, काहिरा में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में अभिन्नव शॉ का प्रदर्शन प्रेरणादायक रहा। यद्यपि वह पदक से थोड़ा पीछे रह गए, किंतु उनका संघर्ष, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास यह संकेत देता है कि वह भविष्य में और बड़ी सफलताओं के लिए तैयार हैं।


















Users Today : 5
Users Yesterday : 40