आसनसोल : पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल अंतर्गत कुल्टी थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका से कथित यौन उत्पीड़न के प्रयास का गंभीर मामला सामने आया है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों ने रविवार देर शाम सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के एक जवान को गिरफ्तार कर लिया। सोमवार सुबह आरोपी को अदालत में पेश किया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना कुल्टी थाना क्षेत्र के शीतलपुर क्वार्टर इलाके की है। आरोप है कि रविवार दोपहर दो नाबालिग बालिकाएं आम तोड़ने के लिए क्षेत्र में गई थीं। इसी दौरान सीआईएसएफ के जवान रमाकांत विश्वकर्मा ने उन्हें अधिक आम दिलाने का प्रलोभन दिया। आरोप है कि उसने एक बालिका को अपने स्कूटर पर बैठाकर पास स्थित आवासीय परिसर की ओर ले गया।
परिजनों की शिकायत के अनुसार, आरोपी जवान बालिका को एक क्वार्टर के भीतर ले गया, जबकि दूसरी छोटी बच्ची बाहर ही खड़ी रही। इसी दौरान आरोपी ने नाबालिग के साथ अशोभनीय हरकत करने और यौन उत्पीड़न का प्रयास किया। बालिका के विरोध करने और जोर-जोर से चिल्लाने पर आरोपी वहां से भाग निकला।
घटना की जानकारी मिलते ही बालिका घर पहुंची और परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद परिवार के सदस्य और स्थानीय लोग आक्रोशित हो उठे। बड़ी संख्या में लोग शीतलपुर क्षेत्र स्थित सीआईएसएफ कैंप के बाहर एकत्र हो गए और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
नाबालिग बालिका के पिता ने स्थानीय पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की। पुलिस टीम ने कैंप पहुंचकर आरोपी जवान को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की। देर रात उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
इधर, घटना से नाराज स्थानीय निवासियों ने शीतलपुर गेट नंबर तीन के निकट सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा। सड़क जाम के कारण कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के प्रति गंभीरता बरतना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं होती तो स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती थी। लोगों ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा दोषियों को कठोर दंड देने की मांग की।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाकर शांत कराया और भरोसा दिलाया कि कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपी को हिरासत में लिए जाने और गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम हटा लिया।
सोमवार सुबह कुल्टी पुलिस ने आरोपी जवान को आसनसोल न्यायालय में पेश किया। पुलिस ने अदालत से आगे की पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए अनुरोध किया। मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि नाबालिग पीड़िता के बयान, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागीय अधिकारियों से भी संपर्क किया जाएगा।
घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में चिंता का माहौल है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। ऐसे मामलों में त्वरित न्याय और कठोर दंड ही समाज में भरोसा कायम कर सकते हैं।
सामाजिक संगठनों ने भी घटना की निंदा की है। उनका कहना है कि नाबालिगों के विरुद्ध किसी भी प्रकार का अपराध अत्यंत गंभीर है और इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार को हर संभव सहयोग देने की मांग की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को जागरूक करना भी जरूरी है, ताकि वे किसी अनजान व्यक्ति के लालच में न आएं और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत शोर मचाकर सहायता मांग सकें। साथ ही समुदाय स्तर पर सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता है।
फिलहाल पूरे मामले पर लोगों की नजर अदालत की कार्यवाही और पुलिस जांच पर टिकी है। स्थानीय नागरिक चाहते हैं कि जांच निष्पक्ष, त्वरित और प्रभावी हो, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
कुल्टी की इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा, सार्वजनिक जवाबदेही और त्वरित पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों को केंद्र में ला दिया है। प्रशासन की अगली कार्रवाई पर अब सभी क

















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