पूर्व बर्दवान : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से पहले पूर्व बर्दवान जिले में सोमवार को राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया। बर्दवान नगर पालिका के वार्ड संख्या 22 से तृणमूल कांग्रेस के पार्षद नाड़ूगोपाल भक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उन पर भाजपा नेता के घर पर कथित हमले, चुनावी माहौल बिगाड़ने तथा सार्वजनिक मंच से धमकी भरे बयान देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, रविवार देर रात बर्दवान थाना पुलिस ने पार्षद के आवास पर कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद सोमवार सुबह उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने मामले की जांच जारी होने की बात कही है। अदालत परिसर के बाहर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
बताया जा रहा है कि विवाद की जड़ 24 मार्च को हुई एक घटना है। उस दिन बालामहाट क्षेत्र में भाजपा नेता महादेव माल के घर पर कथित रूप से हमला किया गया था। आरोप है कि कुछ लोगों ने घर में तोड़फोड़ करने का प्रयास किया और राजनीतिक गतिविधियों का विरोध किया। भाजपा नेताओं का दावा है कि महादेव माल अपने क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे तथा कार्यकर्ताओं के लिए भोजन और बैठक की व्यवस्था कर रहे थे, जिससे विरोधी पक्ष नाराज था।
घटना के समय क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल भी मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान पार्षद और सुरक्षा बलों के बीच तीखी बहस होने की चर्चा सामने आई थी। आरोप लगाया गया कि उन्होंने क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और प्रशासनिक हस्तक्षेप पर आपत्ति जताई थी। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अलग से नहीं हो सकी है।
मामला उस समय और अधिक चर्चा में आ गया जब हाल ही में आयोजित एक चुनावी सभा का वीडियो सामने आया। विपक्षी दलों का आरोप है कि सभा में पार्षद ने स्थानीय क्लबों और मतदाताओं को लेकर आपत्तिजनक तथा धमकी भरे शब्दों का उपयोग किया। भाजपा नेताओं का कहना है कि ऐसे बयानों से लोकतांत्रिक वातावरण प्रभावित होता है और मतदाताओं में भय का माहौल बनता है।
भारतीय जनता पार्टी ने पुलिस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि लंबे समय से क्षेत्र में दबाव की राजनीति चल रही थी और अब प्रशासन ने उचित कदम उठाया है। भाजपा ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की मांग भी की है।

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनाव से ठीक पहले उनके जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाया जा रहा है ताकि संगठन को कमजोर किया जा सके। उन्होंने कहा कि विपक्ष आरोप लगाकर सहानुभूति बटोरने का प्रयास कर रहा है और सच्चाई अदालत में सामने आएगी।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चुनावी समय में इस प्रकार की घटनाएं आम लोगों की चिंता बढ़ाती हैं। लोगों ने शांतिपूर्ण मतदान, निष्पक्ष प्रशासनिक कार्रवाई और राजनीतिक दलों से संयम बरतने की अपील की है। कई नागरिकों ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सर्वोपरि होता है, इसलिए भयमुक्त वातावरण आवश्यक है।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामला पूरी तरह कानून और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। संबंधित शिकायतों, वीडियो सामग्री, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य प्रमाणों की जांच की जा रही है। यदि आवश्यक हुआ तो अन्य लोगों से भी पूछताछ की जाएगी।
फिलहाल पूर्व बर्दवान जिले में यह गिरफ्तारी चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। मतदान से पहले हुई इस कार्रवाई ने राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल दिया है। अब सबकी नजर अदालत की कार्यवाही, पुलिस जांच और चुनावी माहौल पर टिकी हुई है।















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