पुर्व वर्धमान/कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के द्वितीय चरण में बुधवार को 142 विधानसभा सीटों पर मतदान जारी रहा। लोकतंत्र के इस महापर्व में सुबह से ही मतदाताओं का उत्साह स्पष्ट दिखाई दिया। अनेक मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लगी रहीं और महिलाओं, युवाओं तथा वरिष्ठ नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। हालांकि मतदान के बीच कई क्षेत्रों से विवाद, झड़प, तकनीकी गड़बड़ी और तनाव की खबरें भी सामने आईं, जिससे चुनावी वातावरण और अधिक गर्मा गया।
इस चरण का सबसे चर्चित दृश्य भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिला, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्ष के प्रमुख नेता शुभेंदु अधिकारी एक ही मतदान केंद्र पर पहुंचे। दोनों नेताओं की उपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा को जन्म दिया। समर्थकों और मीडिया प्रतिनिधियों की भारी भीड़ के बीच यह दृश्य पूरे दिन सुर्खियों में बना रहा। भवानीपुर सीट को इस चुनाव की प्रतिष्ठित सीटों में माना जा रहा है।
राज्य के कई क्षेत्रों में हल्की वर्षा के बावजूद मतदाताओं के उत्साह में कमी नहीं आई। वर्षा के बीच भी लोग छाते और बरसाती लेकर मतदान केंद्रों पर पहुंचे। अनेक स्थानों पर मतदाता घंटों पंक्ति में खड़े रहे और शांतिपूर्वक मतदान किया। इससे स्पष्ट हुआ कि जनता चुनाव को लेकर अत्यंत गंभीर और जागरूक है।
हुगली जिले के खानाकुल क्षेत्र से विवाद की खबर सामने आई। यहां कथित फर्जी मतदान अभिकर्ता को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इसी दौरान भारतीय सेक्युलर फ्रंट और तृणमूल समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। आईएसएफ कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उनके अधिकृत प्रतिनिधि को बूथ से दूर रखा गया और उसके स्थान पर फर्जी प्रतिनिधि बैठाने का प्रयास किया गया।
तारकेश्वर क्षेत्र में भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले। भाजपा ने आरोप लगाया कि मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए अनुचित साधनों का उपयोग किया जा रहा था। वहीं तृणमूल नेताओं ने इन आरोपों को निराधार बताया। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे तथा स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद मतदान प्रक्रिया पुनः सामान्य रूप से जारी रही।
दक्षिण 24 परगना जिले से भी एक तृणमूल नेता को हिरासत में लेने की सूचना मिली। उन पर मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया। पुलिस ने मामले की जांच प्रारंभ कर दी है। निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं ने भी मतदान कर जनता से मतदान का आग्रह किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने अपनी बहन के साथ मतदान किया और बाद में लोकतंत्र में सहभागिता का संदेश दिया। विभिन्न दलों के नेताओं ने सामाजिक माध्यमों के जरिए समर्थकों से शांतिपूर्ण मतदान की अपील की।
सुबह के प्रारंभिक घंटों में मतदान की गति संतोषजनक रही। नदिया जिले में सुबह 9 बजे तक 18.05 प्रतिशत तथा हावड़ा जिले में 17.70 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि दिन चढ़ने के साथ मतदान प्रतिशत में और वृद्धि हुई।
कई मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीन और वीवीपैट में तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायतें भी मिलीं। हावड़ा के बाली क्षेत्र में मशीन खराब होने से कुछ समय के लिए मतदान बाधित हुआ। स्थिति तनावपूर्ण होने पर सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया। गोगहाट और मोंटेश्वर क्षेत्रों में भी मशीन संबंधी शिकायतें सामने आईं, जिन्हें बाद में दूर कर दिया गया।
कुछ मतदान केंद्रों पर लंबी कतारों के कारण कई मतदाताओं की तबीयत बिगड़ने की सूचना भी मिली। स्वास्थ्य कर्मियों ने तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान किया। वृद्ध और दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था भी की गई थी।
तनाव, आरोपों और छिटपुट घटनाओं के बावजूद मतदान प्रक्रिया निरंतर जारी रही। चुनाव आयोग ने सभी जिलों पर कड़ी नजर बनाए रखी है और सुरक्षा के लिए भारी संख्या में केंद्रीय बल तैनात किए गए हैं। अब राज्य की जनता के साथ राजनीतिक दलों की निगाहें अंतिम मतदान प्रतिशत और आगामी 4 मई को घोषित होने वाले परिणामों पर टिकी हैं। पश्चिम बंगाल का यह चुनाव एक बार फिर अत्यंत रोचक और प्रतिष्ठापूर्ण मुकाबले के रूप में उभरकर सामने आया है।

















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