आसनसोल : गुरुवार को आए भीषण आंधी-तूफान के बाद आसनसोल शहर का जनजीवन अब तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। तूफान से गिरे पेड़ों, क्षतिग्रस्त बिजली खंभों और टूटे तारों के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप रही। लगातार बिजली कटौती से परेशान लोगों का गुस्सा गुरुवार को सड़कों पर फूट पड़ा। महिला कल्याण स्कूल के सामने जीटी रोड पर स्थानीय नागरिकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दी।

प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर अपना आक्रोश जताया। इससे शहर की प्रमुख और व्यस्त जीटी रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कुछ ही समय में यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। बसें, निजी वाहन, ट्रक और दोपहिया वाहन सड़क के दोनों ओर फंस गए। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों के अनुसार बुधवार शाम करीब पांच बजे आए तेज तूफान के दौरान महिला कल्याण स्कूल और बोतल मस्जिद के बीच एक विशाल पेड़ बिजली के पोल पर गिर पड़ा था। पेड़ गिरने से बिजली लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और पूरे इलाके की आपूर्ति बंद हो गई। इसके बाद से क्षेत्र अंधेरे में डूबा हुआ है।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे रबीउल इस्लाम ने बताया कि तूफान के तुरंत बाद बिजली विभाग को सूचना दे दी गई थी। इसके बावजूद कई घंटों तक कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। लोगों ने रातभर इंतजार किया, लेकिन पेड़ हटाने और लाइन सुधारने का कार्य शुरू नहीं हुआ। इससे नागरिकों में रोष बढ़ता गया।
भीषण गर्मी के बीच लगभग चौबीस घंटे तक बिजली नहीं रहने से स्थिति और गंभीर हो गई। घरों में पंखे और कूलर बंद पड़े रहे। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। कई परिवारों ने रात जागकर बिताई। लोगों का कहना है कि गर्मी और उमस के कारण घरों में रहना मुश्किल हो गया था।
बिजली संकट के कारण क्षेत्र में पेयजल की समस्या भी उत्पन्न हो गई। कई घरों में मोटर नहीं चलने से पानी की टंकियां खाली हो गईं। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि सुबह होते-होते पानी की किल्लत शुरू हो गई और लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ा। इससे महिलाओं और बुजुर्गों को अतिरिक्त कठिनाई झेलनी पड़ी।
प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि सरकार जनता की सुविधाओं के लिए बड़े स्तर पर योजनाएं चला रही है, लेकिन कुछ लापरवाह अधिकारी इन योजनाओं की छवि खराब कर रहे हैं। यदि समय पर कार्रवाई की जाती तो लोगों को इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती।
लोगों ने चेतावनी दी कि जब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होगी, उनका विरोध जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान नागरिकों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी की। महिलाओं और युवाओं की बड़ी संख्या प्रदर्शन में शामिल रही। लोगों ने कहा कि हर बार तूफान या बारिश के बाद यही समस्या दोहराई जाती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम हटाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने लोगों को आश्वासन दिया कि बिजली विभाग की टीम तुरंत मरम्मत कार्य शुरू करेगी। इसके बाद कुछ समय बाद आंशिक रूप से यातायात बहाल कराया गया।
उधर बिजली विभाग की टीमों ने प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर गिरे पेड़ को हटाने और क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत का काम शुरू किया। कर्मचारियों ने सुरक्षा मानकों के तहत पहले बिजली लाइन को अलग किया, फिर तार और पोल की स्थिति का निरीक्षण किया। देर शाम तक आपूर्ति बहाल करने का प्रयास जारी रहा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर में मौसम बदलते ही बिजली व्यवस्था चरमरा जाती है। कमजोर खंभे, पुराने तार और पेड़ों की समय पर छंटाई न होने से बार-बार ऐसी समस्या सामने आती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति रोकने के लिए पूर्व तैयारी की जाए।
आसनसोल में बिजली संकट को लेकर हुआ यह प्रदर्शन स्पष्ट संकेत है कि नागरिक अब बुनियादी सुविधाओं में लापरवाही स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन कब तक पूरी व्यवस्था सामान्य करता है।
















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