आसनसोल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना से पहले आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार कृष्णेंदु मुखर्जी के चुनाव अभिकर्ताओं ने प्रेस वार्ता कर कई गंभीर आरोप लगाए, जिससे क्षेत्र का चुनावी माहौल और गर्मा गया। भाजपा नेताओं ने मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता, मतदाताओं को भ्रमित करने के प्रयास तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।
प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा प्रतिनिधियों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के नमूना मॉडल के साथ प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि क्षेत्र में सुनियोजित तरीके से मतदाताओं को भ्रमित करने का प्रयास किया गया। नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर जानबूझकर गलत जानकारी फैलाई गई, जिससे मतदाता भ्रमित हों और मतदान के समय गलत विकल्प चुन लें।
भाजपा के चुनाव अभिकर्ता मदन मोहन चौबे और दुर्गेश नागी ने दावा किया कि बाजारों, गलियों और विभिन्न मोहल्लों में यह अफवाह फैलाई जा रही है कि भाजपा उम्मीदवार का मतदान क्रमांक अलग है, जबकि वास्तविकता कुछ और है। उनका कहना था कि यह भ्रम फैलाने की कोशिश लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि चुनाव चिन्ह और क्रमांक के संबंध में गलत जानकारी देकर मतदाताओं को गुमराह करना गंभीर विषय है। भाजपा नेताओं ने मांग की कि चुनाव आयोग इस प्रकार की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करे।
प्रेस वार्ता में भाजपा नेताओं ने कथित रूप से मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए धन वितरण के प्रयासों का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ इलाकों में गुप्त रूप से लोगों तक नकदी पहुंचाने की चर्चा है। हालांकि नेताओं ने किसी दल का प्रत्यक्ष नाम नहीं लिया, लेकिन संकेतों में सत्तारूढ़ पक्ष पर निशाना साधा। उनका कहना था कि यदि इस प्रकार की गतिविधियां हो रही हैं, तो यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की भावना के विपरीत है।
भाजपा नेताओं ने केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर भी असंतोष व्यक्त किया। उनका कहना था कि मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती और गश्त व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं दिखी, जिससे मतदाताओं पर अप्रत्यक्ष दबाव बन सकता है।
दुर्गेश नागी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती निष्पक्ष मतदान पर निर्भर करती है। यदि मतदाता भय, भ्रम या प्रलोभन की स्थिति में मतदान करते हैं, तो जनादेश की शुचिता प्रभावित होती है। उन्होंने चुनाव आयोग से अनुरोध किया कि संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएं और शिकायतों की निगरानी के लिए विशेष दल गठित हों।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आसनसोल उत्तर सीट इस बार बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यहां हर दल अपनी जीत का दावा कर रहा है, ऐसे में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होना स्वाभाविक है। चुनाव परिणाम से पहले इस प्रकार के बयान क्षेत्र की राजनीतिक सक्रियता को और बढ़ा रहे हैं।
भाजपा नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी पर अनावश्यक आरोप लगाना नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने दोहराया कि लोकतंत्र में मतदाता की स्वतंत्र इच्छा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार का भ्रम, दबाव या प्रलोभन स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
प्रेस वार्ता के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज हो गया। अब सभी की नजर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और आगामी मतगणना पर टिकी है। आसनसोल उत्तर सीट पर मुकाबला रोचक माना जा रहा है, जहां अंतिम फैसला मतगणना दिवस पर सामने आएगा।

















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