आसनसोल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में आसनसोल उत्तर विधानसभा सीट (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 281) से भारतीय जनता पार्टी ने महत्वपूर्ण जीत दर्ज करते हुए राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। भाजपा उम्मीदवार कृष्णेंदु मुखर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य के मंत्री मलय घटक को 11,615 मतों के अंतर से पराजित कर इस सीट पर कब्जा जमाया है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कृष्णेंदु मुखर्जी को कुल 1,04,516 मत प्राप्त हुए, जबकि तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी मलय घटक को 92,901 वोट मिले। इस परिणाम को राज्य की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि मलय घटक इस क्षेत्र के प्रभावशाली नेता रहे हैं और लंबे समय से इस सीट का प्रतिनिधित्व करते आ रहे थे।
मतगणना की शुरुआत में मुकाबला बेहद दिलचस्प नजर आया। पहले राउंड की गिनती के बाद ही भाजपा उम्मीदवार कृष्णेंदु मुखर्जी ने 9,927 वोट हासिल कर 4,186 मतों की बढ़त बना ली थी, जबकि मलय घटक 5,741 वोटों के साथ पीछे चल रहे थे। शुरुआती रुझानों ने भाजपा खेमे में उत्साह भर दिया और यह संकेत मिलने लगा कि मुकाबला इस बार कड़ा होने वाला है।
हालांकि, बीच के कुछ राउंड में तृणमूल कांग्रेस के मलय घटक ने वापसी करते हुए बढ़त बनाने की कोशिश की और कुछ समय के लिए वे आगे भी निकल गए। इस उतार-चढ़ाव ने चुनावी मुकाबले को और रोमांचक बना दिया। लेकिन जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, भाजपा उम्मीदवार ने अपनी बढ़त को फिर से मजबूत किया और अंततः निर्णायक जीत हासिल करने में सफल रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह परिणाम आसनसोल उत्तर में मतदाताओं के बदले हुए रुझान का संकेत है। स्थानीय मुद्दों, विकास की अपेक्षाओं और राजनीतिक रणनीति ने इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भाजपा ने जहां आक्रामक प्रचार अभियान चलाया, वहीं तृणमूल कांग्रेस को इस सीट पर कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा।
जीत के बाद कृष्णेंदु मुखर्जी ने इसे जनता का विश्वास बताते हुए कहा कि यह परिणाम आम लोगों की आकांक्षाओं की जीत है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास, रोजगार सृजन और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना उनकी प्राथमिकता होगी। साथ ही उन्होंने सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की बात कही।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के लिए यह परिणाम एक बड़ा झटका माना जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और मंत्री रहे मलय घटक की हार ने स्थानीय संगठन के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। हालांकि पार्टी नेताओं का कहना है कि वे इस परिणाम की समीक्षा करेंगे और भविष्य की रणनीति तय करेंगे।
कुल मिलाकर, आसनसोल उत्तर सीट पर भाजपा की यह जीत पश्चिम बर्दवान जिले की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत का संकेत दे रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नई राजनीतिक परिस्थितियों में क्षेत्र का विकास किस दिशा में आगे बढ़ता है।

















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