जामुड़िया (पश्चिम बर्दवान) : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के बीच सोमवार को जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के चुरुलिया गांव में उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय पार्टी कार्यालय में आगजनी की घटना सामने आई। दोपहर के समय हुई इस घटना ने क्षेत्र में राजनीतिक माहौल को अचानक गरमा दिया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन को तत्काल सक्रिय होना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर लगभग 12:45 बजे कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने चुरुलिया स्थित तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय में आग लगा दी। आग लगने के कारण कार्यालय में रखे बैनर, पोस्टर, दस्तावेज और फर्नीचर पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। स्थानीय लोगों ने धुएं और लपटों को देखकर तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही जामुड़िया थाना पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा काफी प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर क्षेत्र में केंद्रीय अर्धसैनिक बल (सीएपीएफ) की तैनाती कर दी है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। इसके साथ ही पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
इस घटना के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने आरोप लगाया कि मतगणना के शुरुआती रुझानों में पिछड़ने के बाद भाजपा समर्थकों ने जानबूझकर इस घटना को अंजाम दिया है। उनका कहना है कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास है और इससे क्षेत्र में भय का माहौल बनाने की कोशिश की गई है।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी के जिला नेतृत्व ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं है और उनके कार्यकर्ता पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से मतगणना प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषी चाहे किसी भी दल से जुड़ा हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट ने घटना को गंभीरता से लेते हुए बयान जारी किया है कि चुरुलिया क्षेत्र की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना का मतगणना प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं।
सुरक्षा के मद्देनजर जामुड़िया थाना क्षेत्र में धारा 144 को सख्ती से लागू कर दिया गया है और पुलिस द्वारा लगातार रूट मार्च किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि चुरुलिया गांव प्रसिद्ध कवि काजी नजरुल इस्लाम का जन्मस्थान है और इसे तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। मतगणना के शुरुआती चार चरणों के बाद यहां भाजपा उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए थे, जिसके तुरंत बाद यह घटना सामने आई।
जिला निर्वाचन अधिकारी सहित सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जीत और हार लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा है तथा किसी भी प्रकार की हिंसा का इसमें कोई स्थान नहीं है।

















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