आसनसोल/कोलकाता : शनिवार को पश्चिम बंगाल की राजनीति ने एक ऐतिहासिक मोड़ लिया, जब कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। वर्षों से चले आ रहे राजनीतिक संघर्ष और सत्ता परिवर्तन की चर्चाओं के बीच यह दिन भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं रहा। राज्यपाल की उपस्थिति में आयोजित इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कई राज्यों के मुख्यमंत्री और भाजपा के शीर्ष नेता मौजूद रहे। विशाल जनसमूह की मौजूदगी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
25 बैशाख के दिन आयोजित इस समारोह को बंगाल की राजनीति में परिवर्तन के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा नेताओं ने इसे “नए युग की शुरुआत” बताया, जबकि समर्थकों के बीच उत्साह चरम पर दिखाई दिया। मंच से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने संविधान के प्रति निष्ठा और राज्य के विकास के लिए समर्पित रहने की शपथ ली। उनके साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निशीथ प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पूरे ब्रिगेड मैदान में ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों की गूंज सुनाई देती रही। भाजपा समर्थकों का दावा था कि यह सिर्फ सरकार बदलने का अवसर नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति में एक नई दिशा का आरंभ है। समारोह में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
उधर, औद्योगिक नगरी आसनसोल में भी इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। शहर के विभिन्न इलाकों में भाजपा की ओर से बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई थीं, जहां लोगों ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह का सीधा प्रसारण देखा। जैसे ही सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, आसनसोल में मौजूद भाजपा कार्यकर्ता खुशी से झूम उठे। कई स्थानों पर आतिशबाजी की गई और मिठाइयां बांटी गईं।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहर के बाजारों, चौराहों और प्रमुख सड़कों पर विजय जुलूस भी निकाले। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को अबीर लगाकर जीत की खुशी साझा की। कई जगहों पर लड्डू वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। भाजपा नेताओं ने कहा कि बंगाल की जनता ने भय और हिंसा की राजनीति को नकारकर विकास और पारदर्शिता के पक्ष में जनादेश दिया है।
आसनसोल के कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया। उनका कहना था कि लंबे समय से राज्य में बदलाव की मांग उठ रही थी और जनता ने इस बार निर्णायक जनादेश देकर उस मांग को पूरा कर दिया। नेताओं ने भरोसा जताया कि नई सरकार उद्योग, रोजगार, कानून व्यवस्था और आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान देगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार का गठन राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाएगा। यह पहली बार है जब राज्य में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाना होगा।
शहर के आम लोगों के बीच भी इस राजनीतिक परिवर्तन को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे विकास की नई उम्मीद बताया, तो कुछ ने सरकार के सामने कानून व्यवस्था और बेरोजगारी जैसी चुनौतियों को प्रमुख मुद्दा माना। हालांकि, भाजपा समर्थकों में उत्साह और जश्न का माहौल पूरे दिन बना रहा।
राजनीतिक दृष्टि से यह दिन पश्चिम बंगाल के इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा। ब्रिगेड परेड ग्राउंड में लिया गया यह शपथ केवल सत्ता परिवर्तन का संकेत नहीं, बल्कि राज्य की बदलती राजनीतिक धारा का भी प्रतीक बन गया है।

















Users Today : 0
Users Yesterday : 37