आसनसोल : रविवार को आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के बस्तिन बाजार स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर में वर्षों बाद एक बार फिर नियमित पूजा-अर्चना की शुरुआत होने पर श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। नवनिर्वाचित विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी अपने समर्थकों के साथ मंदिर पहुंचे, जहां वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और जयकारों के बीच विशेष पूजा संपन्न कराई गई। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी और पूरा इलाका भक्तिमय माहौल से सराबोर दिखाई दिया।
बताया जा रहा है कि यह प्राचीन मंदिर लंबे समय से अधिकांश दिनों में बंद रहता था और केवल दुर्गा पूजा, काली पूजा तथा लक्ष्मी पूजा जैसे विशेष अवसरों पर ही इसके कपाट खोले जाते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्रवासियों की लंबे समय से यह मांग रही थी कि मंदिर को प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए खोला जाए, ताकि लोग नियमित रूप से मां दुर्गा के दर्शन कर सकें।
विधानसभा चुनाव के दौरान कृष्णेंदु मुखर्जी ने जनसंपर्क अभियान में यह आश्वासन दिया था कि यदि जनता उन्हें आशीर्वाद देकर विधानसभा भेजती है, तो वे इस ऐतिहासिक मंदिर को नियमित पूजा के लिए खुलवाने की पहल करेंगे। चुनाव में विजय प्राप्त करने के बाद उन्होंने अपने वादे को प्राथमिकता देते हुए मंदिर प्रबंधन और स्थानीय लोगों के साथ बैठक की तथा मंदिर के नियमित संचालन का मार्ग प्रशस्त किया।
रविवार को आयोजित विशेष पूजा कार्यक्रम में विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा कि यह केवल एक मंदिर का उद्घाटन नहीं, बल्कि लोगों की आस्था, विश्वास और सांस्कृतिक परंपरा का सम्मान है। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की कृपा से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहेगी तथा मंदिर में प्रतिदिन पूजा-अर्चना की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर को फूलों, रंग-बिरंगी सजावट और भगवा पताकाओं से आकर्षक रूप दिया गया था। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर पूजा में भाग लिया। कई श्रद्धालु भावुक नजर आए और उन्होंने वर्षों बाद नियमित रूप से मंदिर खुलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। स्थानीय महिलाओं ने कहा कि अब उन्हें प्रतिदिन मां दुर्गा के दर्शन का अवसर मिलेगा, जिससे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण और मजबूत होगा।
इस अवसर पर भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और सामाजिक संगठन के सदस्य भी मौजूद रहे। सभी ने इसे क्षेत्र की धार्मिक चेतना और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया तथा पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। रविवार को बस्तिन बाजार स्थित दुर्गा मंदिर में आयोजित यह कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि जनविश्वास, सांस्कृतिक विरासत और चुनावी संकल्प की पूर्ति का प्रतीक बनकर सामने आया।वर्षों बाद खुले दुर्गा मंदिर के कपाट, विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने निभाया चुनावी संकल्प
आसनसोल। रविवार को आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के बस्तिन बाजार स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर में वर्षों बाद एक बार फिर नियमित पूजा-अर्चना की शुरुआत होने पर श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। नवनिर्वाचित विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी अपने समर्थकों के साथ मंदिर पहुंचे, जहां वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और जयकारों के बीच विशेष पूजा संपन्न कराई गई। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी और पूरा इलाका भक्तिमय माहौल से सराबोर दिखाई दिया।

बताया जा रहा है कि यह प्राचीन मंदिर लंबे समय से अधिकांश दिनों में बंद रहता था और केवल दुर्गा पूजा, काली पूजा तथा लक्ष्मी पूजा जैसे विशेष अवसरों पर ही इसके कपाट खोले जाते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्रवासियों की लंबे समय से यह मांग रही थी कि मंदिर को प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए खोला जाए, ताकि लोग नियमित रूप से मां दुर्गा के दर्शन कर सकें।
विधानसभा चुनाव के दौरान कृष्णेंदु मुखर्जी ने जनसंपर्क अभियान में यह आश्वासन दिया था कि यदि जनता उन्हें आशीर्वाद देकर विधानसभा भेजती है, तो वे इस ऐतिहासिक मंदिर को नियमित पूजा के लिए खुलवाने की पहल करेंगे। चुनाव में विजय प्राप्त करने के बाद उन्होंने अपने वादे को प्राथमिकता देते हुए मंदिर प्रबंधन और स्थानीय लोगों के साथ बैठक की तथा मंदिर के नियमित संचालन का मार्ग प्रशस्त किया।
रविवार को आयोजित विशेष पूजा कार्यक्रम में विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा कि यह केवल एक मंदिर का उद्घाटन नहीं, बल्कि लोगों की आस्था, विश्वास और सांस्कृतिक परंपरा का सम्मान है। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की कृपा से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहेगी तथा मंदिर में प्रतिदिन पूजा-अर्चना की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर को फूलों, रंग-बिरंगी सजावट और भगवा पताकाओं से आकर्षक रूप दिया गया था। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर पूजा में भाग लिया। कई श्रद्धालु भावुक नजर आए और उन्होंने वर्षों बाद नियमित रूप से मंदिर खुलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। स्थानीय महिलाओं ने कहा कि अब उन्हें प्रतिदिन मां दुर्गा के दर्शन का अवसर मिलेगा, जिससे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण और मजबूत होगा।
इस अवसर पर भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और सामाजिक संगठन के सदस्य भी मौजूद रहे। सभी ने इसे क्षेत्र की धार्मिक चेतना और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया तथा पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। रविवार को बस्तिन बाजार स्थित दुर्गा मंदिर में आयोजित यह कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि जनविश्वास, सांस्कृतिक विरासत और चुनावी संकल्प की पूर्ति का प्रतीक बनकर सामने आया।

















Users Today : 0
Users Yesterday : 37