जामुड़िया : गुरुवार, 14 मई 2026 को ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के कन्यूस्टोरिया क्षेत्र अंतर्गत परसिया कोलियरी में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे कोयलांचल को झकझोर कर रख दिया। गुरुवार सुबह पहली पाली के दौरान खदान के 27 नंबर सेक्शन में अचानक चाल धंस जाने से एक श्रमिक की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक मजदूर घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। वहीं कुछ श्रमिकों के अभी भी खदान के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह लगभग साढ़े दस बजे पहली पाली के मजदूर नियमित रूप से कोयला उत्पादन के कार्य में जुटे हुए थे। इसी दौरान 27 नंबर सेक्शन की छत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। भारी मात्रा में पत्थर और मलबा गिरने से वहां कार्य कर रहे कई मजदूर उसकी चपेट में आ गए। हादसा इतना अचानक हुआ कि श्रमिकों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। खदान के अंदर चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ मजदूर किसी तरह जान बचाकर बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन कई श्रमिक मलबे के नीचे दब गए। सूचना मिलते ही खदान प्रबंधन, सुरक्षा विभाग और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। घायल मजदूरों को तत्काल बाहर निकालकर बांसरा अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
घटना के बाद परसिया कोलियरी परिसर में भारी संख्या में श्रमिकों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। मृतक श्रमिक की पहचान देर शाम तक सार्वजनिक नहीं की गई थी, लेकिन उसके परिवार में शोक की लहर फैल गई। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अस्पताल परिसर और खदान क्षेत्र में लगातार तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
इधर, खदान के भीतर कुछ और मजदूरों के फंसे होने की आशंका के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। ईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी लगातार घटनास्थल पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। सुरक्षा उपकरणों और मशीनों की सहायता से मलबा हटाने का कार्य जारी है। प्रशासन ने भी पूरे मामले पर नजर बनाए रखी है।
इस हादसे के बाद खदान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। श्रमिकों का आरोप है कि लंबे समय से परसिया कोलियरी में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। उनका कहना है कि कई बार खदान की कमजोर चाल और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों को लेकर प्रबंधन को शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। श्रमिक संगठनों ने आरोप लगाया कि उत्पादन बढ़ाने के दबाव में मजदूरों की सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है।
घटना के बाद विभिन्न ट्रेड यूनियन नेताओं ने भी खदान पहुंचकर आक्रोश जताया। उन्होंने हादसे की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही। यूनियन नेताओं का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
ईसीएल प्रबंधन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि घटना की जांच कराई जाएगी और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। प्रबंधन ने यह भी आश्वासन दिया कि घायल श्रमिकों के बेहतर इलाज की पूरी व्यवस्था की जा रही है।
जामुड़िया और आसपास के कोयलांचल क्षेत्र में इस हादसे के बाद शोक और चिंता का माहौल है। लोग लगातार राहत कार्य की जानकारी लेने के लिए घटनास्थल और अस्पताल पहुंच रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि खदानों में लगातार हो रहे हादसे यह साबित करते हैं कि श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर अभी भी गंभीर सुधार की आवश्यकता है।
फिलहाल सभी की निगाहें राहत एवं बचाव अभियान पर टिकी हुई हैं। उम्मीद की जा रही है कि अंदर फंसे श्रमिकों को जल्द सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा और इस दर्दनाक हादसे की वास्तविक वजह सामने आएगी।

















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