आसनसोल : आसनसोल के रेलपार क्षेत्र में स्थित फैज-ए-आमबाग पुलिस चौकी पर हुए हिंसक हमले और तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने व्यापक कार्रवाई करते हुए 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रविवार को सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आसनसोल जिला अदालत में पेश किया गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में केवल रेलपार क्षेत्र के निवासी ही शामिल नहीं हैं, बल्कि पुराना स्टेशन और रंगनियां पाड़ा इलाके के कुछ लोगों के नाम भी सामने आए हैं। इससे जांच एजेंसियों को संदेह है कि उपद्रव में बाहरी तत्वों की भी सक्रिय भूमिका हो सकती है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हिंसा पूर्व नियोजित थी या अचानक उत्पन्न विवाद ने उग्र रूप ले लिया।

गौरतलब है कि शुक्रवार रात जहांगीर मोहल्ला स्थित फैज-ए-आमबाग पुलिस चौकी के निकट ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और उग्र भीड़ ने पुलिस चौकी पर हमला कर दिया। इस दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया तथा चौकी परिसर में खड़े वाहनों और अन्य सामानों में तोड़फोड़ की गई। घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
हालात नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस और केंद्रीय बलों को मौके पर तैनात किया गया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तथा आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका। घटना के बाद पूरे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल गठित किया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर उपद्रव में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है और कई संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था भंग करने तथा सरकारी संस्थानों पर हमला करने वालों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती जारी रखी गई है।

राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस घटना को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं सामाजिक सौहार्द और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती हैं। वहीं पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब पूरे शहर की नजर पुलिस जांच और आगामी प्रशासनिक कदमों पर टिकी हुई है।

















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