आसनसोल : पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल में बंगाल एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। गुप्त सूचना के आधार पर मंगलवार देर रात चलाए गए विशेष अभियान में अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गिरोह के दो कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई आसनसोल दक्षिण थाना क्षेत्र के लोको मैदान के समीप की गई, जहां पुलिस ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दुर्गापुर के नईम नगर निवासी फिरोज खान और आसनसोल रेलपार बबुआ तालाब क्षेत्र निवासी मोहम्मद सोनू के रूप में हुई है। पुलिस ने बुधवार को दोनों आरोपियों को आसनसोल के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजीएम) अदालत में पेश किया, जहां से अदालत ने उन्हें सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
एसटीएफ की इस कार्रवाई को हाल के समय की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों के पास से दो अत्याधुनिक 9 एमएम पिस्टल, दो पाइप गन, 30 राउंड जिंदा कारतूस और नकद राशि बरामद की गई है। बरामद हथियारों की गुणवत्ता और मात्रा को देखते हुए जांच एजेंसियां इस नेटवर्क को बड़े आपराधिक गिरोह से जोड़कर देख रही हैं।
जांच अधिकारियों का प्रारंभिक अनुमान है कि ये हथियार बिहार के मुंगेर इलाके से लाए गए थे। मुंगेर लंबे समय से अवैध हथियार निर्माण और तस्करी के लिए चर्चित रहा है। पुलिस का मानना है कि आरोपी इन हथियारों को आसनसोल और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय आपराधिक गिरोहों तक पहुंचाने की तैयारी में थे। इससे पहले कि सौदा पूरा हो पाता, एसटीएफ ने सटीक सूचना के आधार पर पूरी योजना को विफल कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ को पिछले कुछ दिनों से अवैध हथियारों की संभावित सप्लाई को लेकर गुप्त जानकारी मिल रही थी। इसके बाद विशेष निगरानी शुरू की गई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई। मंगलवार देर रात जैसे ही दोनों आरोपी लोको मैदान क्षेत्र में पहुंचे, पुलिस टीम ने उन्हें घेर लिया। तलाशी के दौरान भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किए गए।
इस संयुक्त अभियान में एसटीएफ के अवर निरीक्षक बिस्वरूप राय, सफीकुल इस्लाम तथा सहायक अवर निरीक्षक धीमान दत्त सहित कई पुलिस अधिकारी शामिल थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई इलाके में संभावित आपराधिक घटनाओं को रोकने की दिशा में बेहद अहम साबित हुई है।
पुलिस का मानना है कि यदि ये हथियार अपराधियों तक पहुंच जाते, तो आसनसोल और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती थी। यही कारण है कि जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के पीछे सक्रिय अन्य लोगों की पहचान करने में जुट गई हैं।
पुलिस हिरासत के दौरान आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि हथियारों की सप्लाई किन लोगों को की जानी थी और इस नेटवर्क से और कौन-कौन जुड़े हुए हैं। अधिकारियों को आशंका है कि इस गिरोह के तार राज्य के बाहर सक्रिय अपराधियों से भी जुड़े हो सकते हैं।
घटना के बाद आसनसोल के विभिन्न इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी कर रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इस गिरफ्तारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों ने पुलिस और एसटीएफ की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ी आपराधिक साजिश विफल हो गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

















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