दुर्गापुर : तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद अभिषेक बनर्जी की प्रस्तावित विदेश यात्रा पर कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। शुक्रवार को दुर्गापुर पहुंचीं राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार और तृणमूल नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है।

दुर्गापुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि राज्य सरकार लंबे समय से पश्चिम बंगाल की स्वास्थ्य व्यवस्था और विकास मॉडल को देश में सर्वश्रेष्ठ बताने का दावा करती रही है। ऐसे में यदि राज्य के एक प्रमुख नेता को उपचार के लिए विदेश जाने की आवश्यकता पड़ रही है, तो यह स्वयं सरकार के दावों पर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार को कम से कम ऐसी चिकित्सा व्यवस्था तो सुनिश्चित करनी चाहिए कि किसी जनप्रतिनिधि को इलाज के लिए राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े। मंत्री ने कहा कि यदि पश्चिम बंगाल की स्वास्थ्य सेवाएं वास्तव में इतनी मजबूत हैं, तो राज्य के प्रभावशाली नेताओं का उपचार यहीं संभव होना चाहिए।
अग्निमित्रा पाल ने व्यंग्यात्मक अंदाज में यह भी कहा कि राज्य सरकार को यह व्यवस्था करनी चाहिए कि किसी मरीज को सरकारी अस्पतालों में असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों को अब भी अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं और स्वास्थ्य तंत्र कई स्थानों पर दबाव में काम कर रहा है।
मंत्री ने कहा कि जनता के सामने विकास और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अलग दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को राजनीतिक प्रचार के बजाय स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
इस दौरान पत्रकारों ने जब पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर सवाल किया, तब मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि राज्य सरकार ईंधन पर कर में राहत देने की संभावना पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता को राहत देने के लिए विभिन्न विकल्पों पर चर्चा चल रही है।
उन्होंने “डबल इंजन” सरकार का उल्लेख करते हुए कहा कि जो वादे किए जाते हैं, उन्हें पूरा करने का प्रयास भी किया जाता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वर्तमान समय में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं और वैश्विक स्तर पर संघर्ष तथा आर्थिक अस्थिरता का प्रभाव विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा और उस पर न्यायालय की रोक का मुद्दा आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में बड़ा विषय बन सकता है। विपक्ष इस मामले को लेकर लगातार तृणमूल कांग्रेस पर हमला बोल रहा है, जबकि सत्तारूढ़ दल इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा है।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। राज्य के विभिन्न राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से इसे जनता के बीच उठा रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि अदालत में आगे क्या स्थिति बनती है और इस मुद्दे का राजनीतिक प्रभाव किस दिशा में जाता है।
















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