आसनसोल : पश्चिम बर्धमान जिले के कुल्टी क्षेत्र में एक बार फिर अलग नगरपालिका गठन की मांग जोर पकड़ने लगी है। रविवार को बराकर स्थित विधायक कार्यालय में आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान कुल्टी विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक डॉ. अजय कुमार पोद्दार ने स्पष्ट संकेत दिया कि भविष्य में कुल्टी को पुनः स्वतंत्र नगरपालिका का दर्जा दिलाने की दिशा में पहल की जाएगी। उनके इस बयान के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है।
विश्वकर्मा समाज के प्रतिनिधियों ने विधायक डॉ. पोद्दार को सम्मानित करते हुए कुल्टी क्षेत्र की विभिन्न नागरिक समस्याओं को उनके समक्ष रखा। प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्ष 2015 में कुल्टी नगरपालिका को समाप्त कर आसनसोल नगर निगम में शामिल किए जाने के बाद स्थानीय लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ी हैं। लोगों का आरोप है कि नगर निगम में शामिल होने के बाद टैक्स और विभिन्न शुल्कों में कई गुना वृद्धि हुई, लेकिन सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि व्यापारियों, छोटे दुकानदारों और आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है। जल निकासी, सड़क, सफाई और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याएं अब भी जस की तस बनी हुई हैं। लोगों का कहना है कि नगर निगम का प्रशासनिक ढांचा इतना बड़ा हो चुका है कि कुल्टी जैसे दूरस्थ इलाकों की समस्याओं पर समुचित ध्यान नहीं दिया जा रहा।
डॉ. अजय पोद्दार ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने जनता से जो वादा किया था, उसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुल्टी की ऐतिहासिक और औद्योगिक पहचान को देखते हुए इसे अलग नगरपालिका का दर्जा मिलना चाहिए। उनका मानना है कि स्थानीय प्रशासन अलग होने से नागरिक सेवाओं में तेजी आएगी और विकास योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल कुल्टी ही नहीं, बल्कि रानीगंज और जामुड़िया जैसे क्षेत्रों में भी अलग नगरपालिका की मांग लगातार उठ रही है। इन क्षेत्रों के भाजपा विधायकों के साथ इस विषय पर चर्चा हुई है और भविष्य में सरकार स्तर पर इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया जाएगा। विधायक ने भरोसा दिलाया कि जनता की भावनाओं और स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, स्थानीय व्यापारी, युवा और वरिष्ठ नागरिक मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने कहा कि अलग नगरपालिका बनने से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और स्थानीय समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा। कई लोगों ने यह भी कहा कि आसनसोल नगर निगम का दायरा अत्यधिक विस्तृत हो जाने के कारण छोटे क्षेत्रों की आवाज दबकर रह जाती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कुल्टी को पुनः नगरपालिका बनाने का मुद्दा आने वाले दिनों में पश्चिम बर्धमान की राजनीति में महत्वपूर्ण विषय बन सकता है। भाजपा इस मुद्दे को जनभावनाओं से जोड़कर आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है, जबकि विरोधी दल इसे राजनीतिक रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
फिलहाल कुल्टी की जनता विधायक के आश्वासन के बाद नई उम्मीदों के साथ भविष्य की ओर देख रही है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि अलग नगरपालिका गठन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और जनता की यह लंबे समय से चली आ रही मांग कब तक पूरी हो पाती है।

















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