बर्नपुर : सेल-आईएसपी प्रबंधन ने अपनी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के अभियान को और तेज कर दिया है। मंगलवार को बर्नपुर के वार्ड संख्या 98 स्थित रांगापाड़ा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बुलडोजर कार्रवाई की गई, जिसमें कई अवैध निर्माणों को हटाया गया। इस कार्रवाई के दौरान राजनीतिक दलों के कार्यालयों सहित अन्य अस्थायी ढांचों को भी ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना रहा।
आईएसपी प्रबंधन की ओर से बताया गया कि संबंधित निर्माण कंपनी की जमीन पर बिना वैध अनुमति के बनाए गए थे। प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत पहले नोटिस जारी कर संबंधित पक्षों को निर्माण खाली करने का समय दिया गया था। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद मंगलवार सुबह सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुलडोजर अभियान चलाया गया।
स्थानीय पार्षद कहकशा रियाज ने बताया कि उन्हें कुछ दिन पूर्व ही नोटिस प्राप्त हुआ था, जिसके बाद पार्टी कार्यालय को खाली कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि नोटिस मिलने के बाद प्रशासनिक निर्देशों का पालन किया गया। हालांकि कार्रवाई के दौरान राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

राज्य में राजनीतिक परिवर्तन के बाद बर्नपुर और आसपास के इलाकों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार तेज हुई है। आईएसपी प्रबंधन अब अपनी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि कंपनी की संपत्ति की सुरक्षा और भविष्य की परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम आवश्यक है।
कार्रवाई के दौरान आईएसपी कर्मचारियों के वाहनों के लिए बनाए गए एक पार्किंग शेड को भी हटाया गया। इसे लेकर पूर्व पार्षद सुबोध सिंह ने नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि संबंधित ढांचा पूर्व में अनुमति लेकर बनाया गया था और वहां कर्मचारियों के वाहन खड़े थे। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों से इस विषय पर चर्चा भी की।
पूर्व पार्षद ने दावा किया कि पार्किंग शेड को हटाने से पहले अलग से कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी गई थी। हालांकि सुरक्षा कर्मियों ने अभियान को जारी रखा और अन्य अवैध निर्माणों को भी हटाया गया। इस दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से कई स्थानों पर अवैध कब्जे और अस्थायी निर्माण बढ़ते जा रहे थे। कुछ नागरिकों ने कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि सार्वजनिक और औद्योगिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना आवश्यक है। वहीं कुछ लोगों ने मांग की कि जिन निर्माणों को हटाया जा रहा है, उनकी जांच और प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए।
आईएसपी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और कंपनी की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को नियमानुसार हटाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार सभी कार्रवाई प्रशासनिक नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जा रही है।
मंगलवार को हुई इस कार्रवाई के बाद बर्नपुर क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में अतिक्रमण हटाने का यह अभियान किन-किन क्षेत्रों तक पहुंचता है और इसका स्थानीय व्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ता है।

















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