दुर्गापुर : दुर्गापुर के सागरभंगा कॉलोनी क्षेत्र में बुधवार सुबह हुए एक जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। सुबह की शांति अचानक तेज विस्फोट की आवाज से टूट गई और कुछ ही क्षणों में आसपास का वातावरण धुएं और अफरा-तफरी से भर गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश दोनों देखने को मिला। विस्फोट का वीडियो भी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
स्थानीय निवासियों के अनुसार यह हादसा क्षेत्र स्थित एक निजी फैक्ट्री में भट्टी फटने, यानी फर्नेस ब्लास्ट, के कारण हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के घरों की खिड़कियां तक हिल उठीं और लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। सुबह के समय अधिकांश लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तभी अचानक आई विस्फोट की आवाज ने पूरे क्षेत्र को दहशत में डाल दिया।
घटना के बाद फैक्ट्री परिसर के ऊपर घना धुआं उठता दिखाई दिया। आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि कुछ देर तक लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। कई लोग भय के कारण अपने बच्चों और परिवार को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। स्थिति को देखकर इलाके में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया।

सागरभंगा पुकुरपार क्षेत्र के निवासी विकास घटक ने बताया कि सुबह करीब साढ़े छह बजे उन्होंने फैक्ट्री के भीतर से एक तेज धमाके की आवाज सुनी। जब लोग घटनास्थल की ओर पहुंचे तो पता चला कि फैक्ट्री के अंदर स्थित एक भट्टी में विस्फोट हुआ है। उन्होंने कहा कि सौभाग्य से इस हादसे में कोई बड़ा जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन पास में खड़े एक ट्रक में आग लग गई थी। हालांकि फैक्ट्री प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है जब फैक्ट्री में इस प्रकार की घटना हुई हो। उनका कहना है कि अतीत में भी कई बार इसी तरह के हादसे हो चुके हैं, जिनसे आसपास के मकानों को नुकसान पहुंचा था। लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन सुरक्षा मानकों को गंभीरता से नहीं ले रहा है, जिसके कारण बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आती हैं। निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने इलाके का निरीक्षण किया और फैक्ट्री प्रबंधन से पूरे मामले की जानकारी ली। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तकनीकी खराबी माना जा रहा है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। फैक्ट्री अधिकारियों ने भी घटना की आंतरिक जांच शुरू करने की बात कही है।
इलाके के लोगों का कहना है कि घनी आबादी के बीच इस तरह की फैक्ट्रियों का संचालन सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपायों को मजबूत नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। कई लोगों ने प्रशासन से फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जांच कराने की मांग की है।
घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। कुछ स्थानीय लोगों ने कहा कि सरकार बदलने के बाद अब प्रशासन को औद्योगिक क्षेत्रों में चल रही अवैध और लापरवाह गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। उनका कहना है कि उद्योगों का संचालन जरूरी है, लेकिन लोगों की सुरक्षा उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और फैक्ट्री प्रबंधन से आवश्यक दस्तावेज तथा सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित जानकारी मांगी गई है। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इलाके के लोग अब यह उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार जांच केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

















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