आसनसोल : तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के विरोध में रविवार को तृणमूल कांग्रेस के जिला नेतृत्व ने आसनसोल में विरोध-प्रदर्शन और धरना कार्यक्रम आयोजित किया। शहर के न्यायालय परिसर के समीप घारीमोड़ स्थित गांधी प्रतिमा के नीचे आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग उठाई।
धरना कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और राजनीतिक हिंसा पर रोक लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया। नेताओं का कहना था कि किसी भी राजनीतिक दल के नेता या कार्यकर्ता पर हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक विषय है और ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन हिंसा किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने संबंधित घटना की उच्चस्तरीय जांच कराकर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने की मांग की। साथ ही उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों में सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।

धरना स्थल पर पार्टी के जिला अध्यक्ष नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती, पूर्व विधायक हरेराम सिंह, वरिष्ठ नेता विधान उपाध्याय सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती के लिए सभी राजनीतिक दलों को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीकों से कार्य करना चाहिए। उन्होंने समर्थकों से भी संयम बनाए रखने और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने की अपील की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बैनर और तख्तियां लेकर अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से भी आवश्यक व्यवस्था की गई थी। पुलिस बल पूरे समय स्थिति पर नजर बनाए रहा और किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात जनता और प्रशासन तक पहुंचाने में विश्वास रखती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को कानून के अनुसार दंड मिलेगा।

धरना कार्यक्रम के समापन पर नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद, सहिष्णुता और कानून के शासन को सर्वोच्च महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी आपसी सौहार्द और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के बाद कार्यकर्ता शांतिपूर्वक अपने-अपने क्षेत्रों के लिए रवाना हो गए।

















Users Today : 37
Users Yesterday : 40