आसनसोल : सनातन संस्कृति के संवर्धन तथा धार्मिक चेतना के प्रसार के उद्देश्य से पंचगछिया क्षेत्र में सोमवार से सवा लाख सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ एवं महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। आनंद वाहिनी संस्था के तत्वावधान में आयोजित यह आध्यात्मिक अनुष्ठान आगामी 12 जून तक चलेगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी की अपेक्षा की जा रही है। आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

इस संबंध में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में संस्था के प्रमुख पदाधिकारियों ने बताया कि यह आयोजन समाज में आध्यात्मिक मूल्यों को सुदृढ़ करने तथा लोगों को धर्म और संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जागरण की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है। ऐसे में सामूहिक धार्मिक अनुष्ठान समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करते हैं।
आयोजन के दौरान प्रतिदिन प्रातःकाल से सायंकाल तक हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ, वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन तथा महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालु पूरे दिन धार्मिक गतिविधियों में भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त प्रत्येक दिन प्रसाद वितरण और सामूहिक भंडारे की भी व्यवस्था की गई है, जिससे दूर-दराज से आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आयोजकों के अनुसार, इस अनुष्ठान में मिथिला, काशी तथा बंगाल सहित विभिन्न क्षेत्रों से आमंत्रित 51 विद्वान आचार्य और पुरोहित वैदिक विधि-विधान के अनुसार पूजन एवं यज्ञ संपन्न कराएंगे। सभी पुरोहितों के आवास और भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान वैदिक परंपराओं का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
कार्यक्रम से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि भगवान हनुमान को शक्ति, भक्ति, साहस और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। हनुमान चालीसा का नियमित पाठ व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक चेतना का संचार करता है। सामूहिक रूप से किए जाने वाले ऐसे पाठ सामाजिक एकता और पारस्परिक सद्भाव को भी मजबूत करते हैं।

आनंद वाहिनी संस्था की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि यह आयोजन किसी एक संस्था या वर्ग का नहीं, बल्कि पूरे समाज का कार्यक्रम है। इसमें सभी समुदायों और वर्गों के लोगों का स्वागत है। आयोजकों ने नगरवासियों से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस धार्मिक अनुष्ठान का हिस्सा बनें और समाज में सकारात्मक संदेश के प्रसार में सहयोग करें।
श्रद्धालुओं का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का भी माध्यम बनते हैं। पंचगछिया में शुरू हुआ यह महाअनुष्ठान क्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन में विशेष महत्व रखता है तथा आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगा।















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