आसनसोल : शहर के आनंदम रेजिडेंसी परिसर में आयोजित सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ इन दिनों गहन धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण का केंद्र बना हुआ है। गुरुवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर सामूहिक पाठ, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की। पूरे परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला।
धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालु हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ और भजन संध्या में पूरी श्रद्धा के साथ शामिल हो रहे हैं। भजनों की मधुर प्रस्तुति और वैदिक मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य सनातन संस्कृति के प्रति लोगों की आस्था को सुदृढ़ करना तथा समाज में आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है।
इस विशेष धार्मिक आयोजन का संचालन सनातन धर्म की प्रचारिका एवं जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती की शिष्या निभा प्रकाश के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी निभा प्रकाश ने इस अवसर पर अपने वैवाहिक जीवन की वर्षगांठ को भी भगवान हनुमान के चरणों में समर्पित करते हुए श्रद्धा और सेवा के साथ मनाया। उन्होंने कहा कि जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों को आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ना आत्मिक संतोष प्रदान करता है।

कार्यक्रम के उपलक्ष्य में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सुबह से लेकर देर शाम तक भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। आयोजन समिति के सदस्यों ने सुव्यवस्थित तरीके से प्रसाद वितरण की व्यवस्था संभाली। श्रद्धालुओं ने इस आयोजन की व्यवस्थाओं और सेवा भावना की सराहना की।
धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से आए विद्वान पंडितों और वैदिक आचार्यों का सम्मान भी किया गया। उन्हें दक्षिणा, वस्त्र और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजकों का कहना है कि सनातन परंपराओं के संरक्षण और प्रसार में विद्वानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में सामाजिक, सांस्कृतिक और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी आयोजन में भाग लेकर अपनी आस्था व्यक्त की। आयोजकों के अनुसार, आगामी दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है, जिसके लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
आयोजन समिति के प्रमुख सदस्यों ने बताया कि 12 जून को होने वाले समापन समारोह को विशेष रूप से भव्य स्वरूप दिया जाएगा। समापन अवसर पर प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा भक्ति संगीत की प्रस्तुति दी जाएगी तथा विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
कार्यक्रम की सफलता पर आयोजन समिति के प्रतिनिधि शंभुनाथ झा ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों और स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है और आने वाले दिनों में भी श्रद्धालुओं की सेवा एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
धार्मिक आस्था, सामूहिक सहभागिता और सेवा भावना से परिपूर्ण यह आयोजन आसनसोल में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का प्रेरक उदाहरण बनकर उभर रहा है।


















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