आसनसोल : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को आसनसोल नगर निगम परिसर में विशेष पर्यावरण जागरूकता एवं पौध वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों, कर्मचारियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिकाधिक वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को पौधे वितरित किए गए और उन्हें पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प दिलाया गया।
कार्यक्रम में नगर निगम के जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों तथा स्थानीय नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। आयोजन का उद्देश्य केवल पौध वितरण तक सीमित नहीं था, बल्कि लोगों में पर्यावरण के प्रति दीर्घकालिक जिम्मेदारी और जागरूकता विकसित करना भी था। उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर नगर निगम के अध्यक्ष अमरनाथ चटर्जी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से एक है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रत्येक नागरिक को प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम लगातार स्वच्छता, हरित क्षेत्र विस्तार और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम संचालित कर रहा है तथा भविष्य में भी इन प्रयासों को और व्यापक बनाया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नगर निगम द्वारा किए गए प्रयासों को विभिन्न स्तरों पर सराहना प्राप्त हुई है। उनका मानना है कि नागरिकों के सहयोग और जनभागीदारी से शहर को और अधिक स्वच्छ, सुंदर तथा हरित बनाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपने घरों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि वृक्ष केवल हरियाली नहीं देते, बल्कि जीवन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन, स्वच्छ वायु और संतुलित पर्यावरण भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि पौधारोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधों को वृक्ष बनने तक संरक्षित किया जाए।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न जनजागरण अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है। आज लोग समझने लगे हैं कि जल, जंगल और जमीन का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अनिवार्य है। उन्होंने नागरिकों से अधिकाधिक वृक्ष लगाने और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। लोगों को पौधों के महत्व, जैव विविधता संरक्षण, जल बचत और प्लास्टिक के कम उपयोग के संबंध में जानकारी दी गई। विभिन्न प्रजातियों के फलदार, छायादार और औषधीय पौधों का वितरण किया गया ताकि लोग अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों को हरित बना सकें।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित नागरिकों ने सामूहिक रूप से स्वच्छ और हरित आसनसोल के निर्माण का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली सामाजिक जिम्मेदारी है। जनसहभागिता और जागरूकता के माध्यम से ही प्रकृति संरक्षण के लक्ष्य को सफल बनाया जा सकता है तथा आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।

















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