बर्नपुर : बर्नपुर के स्टेशन रोड क्षेत्र में रविवार को कथित मतांतरण गतिविधियों के आरोपों को लेकर अचानक तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थानीय स्तर पर आरोप सामने आने के बाद बड़ी संख्या में नागरिक घटनास्थल पर एकत्रित हो गए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके कारण प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्षेत्र में कथित रूप से धार्मिक प्रलोभन देकर लोगों को मतांतरण के लिए प्रेरित किए जाने की चर्चा फैलते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। देखते ही देखते आसपास के क्षेत्रों से भी लोग मौके पर पहुंचने लगे। स्थिति को देखते हुए विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों का आरोप था कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि ऐसे आरोपों में सच्चाई है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रशासन से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को संरक्षण न मिले।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत करने का प्रयास किया तथा आश्वासन दिया कि मामले की प्रत्येक पहलू से जांच की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों का सत्यापन आवश्यक है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से कानून अपने हाथ में न लेने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। प्रशासन की पहल के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो गई तथा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बहाल कर दी गई। एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात रखा गया।
इस बीच ईसाई समाज से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता जॉर्ज ओस्टा ने भी मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी धर्म की मूल भावना सेवा, सद्भाव और नैतिक मूल्यों पर आधारित होती है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति धर्म के नाम पर निजी लाभ या अनुचित गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी धर्म को अपनाना या उसका पालन करना व्यक्तिगत आस्था का विषय है और इसे प्रलोभन अथवा दबाव से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
फिलहाल प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। पुलिस का कहना है कि शिकायतों, उपलब्ध तथ्यों और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सत्यता है। क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सभी समुदायों से संयम बरतने की अपील की है।

















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