Breaking News

पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच पार्षद पद छोड़ा, आसनसोल की राजनीति में बढ़ीं चर्चाएं

Facebook
Twitter
WhatsApp

आसनसोल :  राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक परिदृश्य लगातार बदलता नजर आ रहा है। विभिन्न नगर निगमों, नगर पालिकाओं, पंचायतों और स्थानीय निकायों से जनप्रतिनिधियों के इस्तीफे की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी क्रम में मंगलवार को आसनसोल नगर निगम के वार्ड संख्या 58 के पार्षद संजय नूनिया के इस्तीफे की चर्चा पूरे राजनीतिक गलियारे में प्रमुखता से होती रही।

IMG 20240918 WA0025

जानकारी के अनुसार संजय नूनिया ने सोमवार को अपना इस्तीफा आसनसोल नगर निगम आयुक्त को सौंप दिया। अपने त्यागपत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से पारिवारिक कारणों का उल्लेख करते हुए पद छोड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि उनके पिता लंबे समय से गंभीर रूप से अस्वस्थ हैं और पिछले कई महीनों से उनका उपचार चल रहा है। स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण उनके पिता को लगातार चिकित्सकीय निगरानी, अस्पताल ले जाने तथा व्यक्तिगत देखभाल की आवश्यकता पड़ रही है।

संजय नूनिया ने अपने पत्र में कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में परिवार की जिम्मेदारियां उनकी प्राथमिकता बन गई हैं। ऐसे में वे जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी क्षमता के साथ नहीं कर पा रहे हैं। इसी कारण उन्होंने पार्षद पद से त्यागपत्र देने का निर्णय लिया और नगर निगम प्रशासन से इसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार करने का अनुरोध किया।

हालांकि त्यागपत्र में पारिवारिक कारणों का उल्लेख किया गया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को लेकर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। राज्य में हाल ही में हुए राजनीतिक बदलाव के बाद कई स्थानीय निकायों में संगठनात्मक पुनर्संरचना और राजनीतिक समीकरणों में बदलाव देखने को मिल रहा है। ऐसे माहौल में एक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि का पद छोड़ना स्वाभाविक रूप से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के दिनों में पंचायत सदस्यों, प्रधानों, उप-प्रधानों और पार्षदों के इस्तीफों की बढ़ती संख्या ने स्थानीय राजनीति को नई दिशा देने का काम किया है। हालांकि प्रत्येक जनप्रतिनिधि अपने-अपने कारणों से पद छोड़ रहा है, लेकिन इन घटनाओं ने राजनीतिक चर्चाओं को और अधिक तेज कर दिया है।

IMG 20250511 WA0050

संजय नूनिया लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं और वार्ड संख्या 58 के विकास कार्यों से उनका नाम जुड़ा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्होंने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासनिक स्तर पर लगातार प्रयास किए। उनके इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद वार्ड के निवासियों के बीच भी मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली।

सूत्रों के अनुसार त्यागपत्र की प्रतिलिपि नगर निगम के महापौर, जिला स्तरीय पार्टी नेतृत्व, संबंधित ब्लॉक अध्यक्ष तथा बोरो प्रशासन को भी भेजी गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नगर निगम प्रशासन इस इस्तीफे पर कब अंतिम निर्णय लेता है और वार्ड संख्या 58 के प्रतिनिधित्व को लेकर आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है।

फिलहाल संजय नूनिया ने अपने निर्णय को पूरी तरह पारिवारिक परिस्थितियों से प्रेरित बताया है। वहीं राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले पर और स्पष्टता सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

Leave a Comment

Leave a Comment

[democracy id="1"]

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 4 1 5 2 7
Users Today : 28
Users Yesterday : 40