आसनसोल : आसनसोल नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 57 में शुक्रवार को एक सरकारी परियोजना से जुड़ी महिला कर्मचारी के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया। निर्मल साथी परियोजना में कार्यरत महिला कर्मी कदम बाउरी ने आरोप लगाया कि ड्यूटी के दौरान एक स्थानीय महिला ने उनके साथ विवाद के बाद हाथापाई की। घटना के बाद उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, कदम बाउरी अपने कार्य क्षेत्र में बैठकर कुछ समय के लिए आराम कर रही थीं। इसी दौरान एक स्थानीय महिला उनके पास पहुंची और अन्नपूर्णा भंडार योजना से जुड़े आवेदन को लेकर बातचीत शुरू हुई। महिला ने कथित रूप से पूछा कि क्या कदम बाउरी ने अन्नपूर्णा भंडार का फॉर्म जमा कर दिया है।
कदम बाउरी ने जवाब दिया कि उन्होंने अभी तक आवेदन जमा नहीं किया है। इसके बाद उन्होंने महिला को बताया कि आवेदन जमा करने के लिए बोरो नंबर सात में शिविर लगाया जाएगा, जहां 15, 16 और 17 जून को लोगों से आवेदन लिए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इच्छुक लोग ऑनलाइन माध्यम से भी आवेदन जमा कर सकते हैं।
आरोप है कि इसी बातचीत के दौरान दोनों के बीच बहस बढ़ गई और महिला ने कदम बाउरी के साथ कथित रूप से मारपीट कर दी। पीड़िता का कहना है कि वह वहां किसी राजनीतिक चर्चा में शामिल नहीं थीं, बल्कि सरकारी जिम्मेदारी निभा रही थीं।
कदम बाउरी ने बताया कि सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्यों में कर्मचारियों को आम लोगों की सहायता करनी होती है। ऐसे में यदि काम के दौरान ही कर्मचारी के साथ इस प्रकार का व्यवहार होगा तो उनके लिए जिम्मेदारी निभाना कठिन हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान कुछ राजनीतिक टिप्पणियां भी की गईं, जिनसे विवाद बढ़ा। हालांकि उनका कहना है कि वह केवल सरकारी प्रक्रिया की जानकारी दे रही थीं और किसी राजनीतिक विषय पर चर्चा नहीं कर रही थीं।
घटना के बाद इलाके में इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं की जानकारी देने वाले कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा उचित नहीं है। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि योजनाओं को लेकर भ्रम की स्थिति के कारण भी कई बार विवाद पैदा हो जाते हैं, जिन्हें बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए।
पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच की जाए और सरकारी कार्य में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो जनहित की योजनाओं को जमीन तक पहुंचाना मुश्किल होगा।

इस घटना ने एक बार फिर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्य वातावरण पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाएगा।
फिलहाल शिकायत के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और संबंधित पक्षों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।















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