आसनसोल : ईसीएल केंडा क्षेत्र अंतर्गत न्यू केंडा कोलियरी के न्यू केंडा ओसीपी (ओपन कास्ट परियोजना) क्षेत्र में रविवार को उस समय चिंता का माहौल बन गया, जब भारी बारिश के बाद खदान क्षेत्र से अचानक धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते ओसीपी परिसर के बड़े हिस्से में धुआं फैल गया, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में भय की स्थिति उत्पन्न हो गई।
जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम हुई तेज बारिश के बाद कुनारी-2 क्षेत्र स्थित ओसीपी इलाके से धुआं उठता हुआ दिखाई दिया। धुएं की मात्रा बढ़ने के बाद आसपास के ग्रामीणों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। ओसीपी के समीप स्थित सलडांगा मंडल पारा और बाउरी पाड़ा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग निवास करते हैं।
स्थानीय निवासी अमरजीत मंडल ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र से धुआं निकलने की घटना सामने आई है। उन्होंने कहा कि लगभग आठ महीने पहले भी इसी ओसीपी क्षेत्र में ऐसी स्थिति बनी थी। उस समय भी ग्रामीणों ने ईसीएल प्रबंधन से संवेदनशील इलाके में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।
ग्रामीणों का कहना है कि ओसीपी क्षेत्र में भूमिगत आग और गर्मी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। उनका दावा है कि कई बार बारिश के बाद जमीन में दरारें खुल जाती हैं, जिससे भूमिगत आग सक्रिय हो जाती है और धुएं का उत्सर्जन शुरू हो जाता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस तरह की घटनाओं से केवल इंसानों को ही नहीं, बल्कि पशुओं को भी खतरा रहता है। कई बार जानवर खदान क्षेत्र में गिर जाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ऐसे संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा घेराबंदी नहीं की गई है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
लोगों ने पुराने हादसे का भी जिक्र किया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, 25 जनवरी 1994 को न्यू केंडा कोलियरी में लगी आग में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। उनका कहना है कि उस घटना का असर आज भी क्षेत्र में महसूस किया जाता है और भूमिगत आग के कारण कभी-कभी धुआं, गर्मी और जमीन में हलचल जैसी स्थिति सामने आती है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि ईसीएल प्रबंधन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल विशेषज्ञों की टीम भेजकर जांच कराए। उनका कहना है कि केवल अस्थायी कदमों से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि संवेदनशील क्षेत्रों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण जरूरी है।
घटना के बाद ओसीपी में कामकाज प्रभावित होने की बात सामने आई। धुआं निकलने के कारण कुछ समय के लिए खनन कार्य रोक दिया गया। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया था कि ईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं या नहीं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने प्रशासन और ईसीएल प्रबंधन से मांग की कि आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
न्यू केंडा ओसीपी से उठते धुएं की घटना ने एक बार फिर खनन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और पुराने भूमिगत आग के खतरे को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब ग्रामीणों की नजर ईसीएल की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

















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