रानीगंज : महिला सुरक्षा को और अधिक सशक्त बनाने तथा पुलिसकर्मियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने की दिशा में रानीगंज थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत नवनिर्मित महिला सहायता केंद्र तथा स्पोर्ट्स जोन का शनिवार को विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों, स्थानीय गणमान्य नागरिकों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त डॉ. प्रणव कुमार थे। उन्होंने फीता काटकर दोनों सुविधाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल) ध्रुव दास, रानीगंज थाना प्रभारी सुबीर कर्मकार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। उद्घाटन के बाद अधिकारियों ने महिला सहायता केंद्र और स्पोर्ट्स जोन का निरीक्षण कर उपलब्ध व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिला सहायता केंद्र की स्थापना का उद्देश्य महिलाओं को एक सुरक्षित, सहज और भरोसेमंद वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे बिना किसी संकोच या भय के अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज करा सकें। केंद्र में महिलाओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा तथा उनके त्वरित और निष्पक्ष समाधान का प्रयास किया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान समय में महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ी है, लेकिन कई बार महिलाएं विभिन्न कारणों से अपनी शिकायतें दर्ज कराने में झिझक महसूस करती हैं। ऐसे में यह केंद्र उनके लिए एक विशेष सहायता मंच के रूप में कार्य करेगा। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस पहल से महिलाओं का पुलिस व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा वे न्याय प्राप्ति की दिशा में निर्भीक होकर आगे आ सकेंगी।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल के स्वास्थ्य और फिटनेस को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। इसी उद्देश्य से थाना परिसर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्पोर्ट्स जोन विकसित किया गया है। यहां बैडमिंटन, वॉलीबॉल तथा अन्य खेल गतिविधियों की व्यवस्था की गई है, जिससे पुलिसकर्मी अपनी व्यस्त ड्यूटी के बीच शारीरिक रूप से सक्रिय रह सकें और मानसिक तनाव को कम कर सकें।
पुलिस आयुक्त डॉ. प्रणव कुमार ने कहा कि पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारियां अत्यंत चुनौतीपूर्ण होती हैं। लगातार तनावपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करने के कारण उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है। ऐसे में खेल गतिविधियां उन्हें ऊर्जा, उत्साह और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करती हैं। उन्होंने बताया कि कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले अन्य थानों और पुलिस चौकियों में भी इसी प्रकार की खेल सुविधाएं विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह स्पोर्ट्स जोन केवल पुलिसकर्मियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय नागरिक भी निर्धारित नियमों के तहत इन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद तथा सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित करने में भी सहायता मिलेगी।
महिला सुरक्षा और पुलिस कल्याण को समर्पित इस पहल को क्षेत्र में सकारात्मक कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज और पुलिस व्यवस्था के लिए लाभकारी बताया।

















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