आसनसोल : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को श्री योग आनंद संस्थान की ओर से भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। प्रातः 6:30 बजे से प्रारंभ होकर 8:30 बजे तक चले इस विशेष कार्यक्रम में लगभग 200 लोगों ने भाग लेकर योग, प्राणायाम और स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों का लाभ उठाया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा योग के वैज्ञानिक महत्व से अवगत कराना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इस्कॉन मंदिर, आसनसोल के अध्यक्ष श्री प्रभुपाद दयाचंद्र निताई दास थे। वहीं भारतीय जनता युवा मोर्चा, पश्चिम बर्धमान के सचिव श्री शिवम भगत , पश्चिम बर्धमान बीजेपी वाइस प्रेसिडेंट श्री तापस दास विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भी कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

योग शिविर का संचालन प्रसिद्ध योग गुरु श्री भगवत शर्मा ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। योग गुरु ने बताया कि नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ और लचीला बनाता है, बल्कि मानसिक तनाव को दूर कर व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है।

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि योग सत्र के दौरान स्वास्थ्य संबंधी आपातकालीन परिस्थितियों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने मस्तिष्काघात (ब्रेन स्ट्रोक), हृदयाघात (हार्ट अटैक) तथा कार्डियक अरेस्ट जैसी गंभीर स्थितियों में प्रारंभिक सहायता और तत्काल किए जाने वाले उपायों का व्यावहारिक प्रदर्शन प्रस्तुत किया। उपस्थित लोगों ने इन जानकारियों को गंभीरता से सुना और स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता दिखाई।
शिविर में योगासन और प्राणायाम के अतिरिक्त सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। संस्थान के सदस्यों द्वारा योग आधारित आकर्षक नृत्य प्रस्तुति दी गई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। इस प्रस्तुति के माध्यम से योग और भारतीय संस्कृति के गहरे संबंध को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन आध्यात्मिक और वैज्ञानिक परंपरा का अमूल्य उपहार है, जिसे आज पूरा विश्व स्वीकार कर चुका है। उन्होंने कहा कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि जीवनभर अपनाई जाने वाली स्वस्थ जीवनशैली है। नियमित योगाभ्यास से शारीरिक क्षमता, मानसिक एकाग्रता और भावनात्मक संतुलन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

आयोजकों ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक योग और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता पहुंचाना है। इसी लक्ष्य के साथ समय-समय पर विभिन्न स्वास्थ्य एवं योग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया तथा उन्हें प्रतिदिन योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प दिलाया गया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित यह शिविर स्वास्थ्य, अनुशासन और सामूहिक जागरूकता का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया।

















Users Today : 16
Users Yesterday : 40