आसनसोल : जर्मनी के सुहल शहर में आयोजित जूनियर विश्व निशानेबाजी चैंपियनशिप में भारत के युवा निशानेबाजों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है। इस उपलब्धि में आसनसोल के प्रतिभाशाली खिलाड़ी अभिनव शॉ की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने अपनी जोड़ीदार संभवी के साथ मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। उनकी इस सफलता से खेल जगत के साथ-साथ पूरे पश्चिम बर्धमान जिले में उत्साह और गर्व का वातावरण है।
16 जून से 28 जून तक आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दुनिया के कई देशों के शीर्ष युवा निशानेबाजों ने हिस्सा लिया। मिश्रित टीम स्पर्धा के क्वालीफिकेशन दौर में भारतीय जोड़ी अभिनव शॉ और संभवी ने 634.6 अंकों का शानदार स्कोर बनाकर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी थी। इसके बाद फाइनल मुकाबले में भी दोनों खिलाड़ियों ने असाधारण प्रदर्शन जारी रखा और जर्मनी तथा नॉर्वे जैसी मजबूत टीमों को पीछे छोड़ दिया।
फाइनल में भारतीय जोड़ी ने 505.8 अंक अर्जित कर नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले इस स्पर्धा का विश्व रिकॉर्ड 499.9 अंक था। भारतीय खिलाड़ियों ने न केवल इस रिकॉर्ड को तोड़ा, बल्कि बड़ी बढ़त के साथ नया कीर्तिमान स्थापित कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
प्रतियोगिता के बाद अभिनव शॉ ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि फाइनल मुकाबले के दौरान उनका पूरा ध्यान लक्ष्य पर केंद्रित था। उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के बावजूद तकनीकी कारणों से उन्हें और उनकी साथी खिलाड़ी को निराशा का सामना करना पड़ा था। हालांकि उस अनुभव ने उन्हें और अधिक दृढ़ संकल्पित बना दिया। उन्होंने निश्चय कर लिया था कि मिश्रित टीम स्पर्धा में देश के लिए स्वर्ण पदक अवश्य जीतना है, और अंततः उन्होंने अपना लक्ष्य प्राप्त कर लिया।
अभिनव की इस उपलब्धि पर पश्चिम बंगाल राइफल संघ के अध्यक्ष वी. के. धाल ने दूरभाष पर उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों से उबरकर विश्व रिकॉर्ड बनाना किसी सच्चे खिलाड़ी की पहचान होती है। अभिनव ने अपने प्रदर्शन से यह सिद्ध कर दिया है कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर के चैंपियन हैं।
अभिनव के विद्यालय के प्रधानाचार्य रवि विक्टर ने भी उनकी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल विद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि अभिनव ने अपने अनुशासन, परिश्रम और समर्पण के बल पर सफलता का नया अध्याय लिखा है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि युवा खिलाड़ियों की ऐसी उपलब्धियां देश में निशानेबाजी खेल के प्रति नई पीढ़ी को प्रेरित करेंगी। अभिनव शॉ और संभवी द्वारा स्थापित यह विश्व रिकॉर्ड भारतीय खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है। गुरुवार को पूरे आसनसोल में इस सफलता की चर्चा रही और लोगों ने दोनों खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

















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