रानीगंज/दुर्गापुर : दुर्गापुर के कोकओवन थाना क्षेत्र स्थित बीरभानपुर में एक महिला भाजपा नेत्री के साथ कथित अभद्र व्यवहार के आरोप को लेकर शुक्रवार को राजनीतिक माहौल गरमा गया। घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त हो गया तथा मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर तीखी बहस छिड़ गई। घटना से संबंधित एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत राज्य सरकार की विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं के आवेदन पत्र भरवाने को लेकर हुई। भाजपा की स्थानीय महिला नेत्री मालती बाउरी ने आरोप लगाया कि पार्टी के शक्ति प्रमुख निमाई तंतुबाय सरकारी योजनाओं के प्रपत्रों के संबंध में लोगों को भ्रमित कर रहे हैं, जिससे संगठन की छवि प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने इस विषय पर आपत्ति दर्ज कराई, तब उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया।
मालती बाउरी ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय संगठन के कुछ प्रभावशाली नेताओं की निकटता का लाभ उठाकर निमाई तंतुबाय लंबे समय से पुराने और सक्रिय भाजपा कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन में समर्पित कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान नहीं मिल रहा है, जिससे असंतोष का वातावरण बनता जा रहा है।
घटना के विरोध में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता कोकओवन थाना पहुंचे और आरोपित के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि पार्टी के भीतर अनुशासन और कार्यकर्ताओं के सम्मान की रक्षा नहीं की गई, तो संगठनात्मक एकता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी एवं संगठनात्मक कार्रवाई की मांग की।
दूसरी ओर, भाजपा के दुर्गापुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के मंडल अध्यक्ष तेजनारायण मंडल ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि यह भाजपा के भीतर किसी प्रकार का गुटीय संघर्ष नहीं है। उनके अनुसार, कुछ राजनीतिक शक्तियां पार्टी की बढ़ती जनस्वीकृति से परेशान होकर संगठन की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से इस प्रकार की परिस्थितियां उत्पन्न करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता ऐसे प्रयासों को समझती है और उनका समर्थन नहीं करेगी।
इधर, पुलिस प्रशासन ने बताया कि पूरे मामले की शिकायत प्राप्त होने के बाद तथ्यों की जांच प्रारंभ कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो की भी जांच की जा रही है।
घटना ने क्षेत्रीय राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और संगठन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण रूप ले सकता है। वहीं भाजपा नेतृत्व भी संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने तथा विवाद के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की तैयारी में जुटा हुआ है।

















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