कांकसा : आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की कांकसा थाना पुलिस ने शुक्रवार को कंटेनर हाइजैकिंग के एक बहुचर्चित मामले का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने झारखंड से लगभग 1.20 करोड़ रुपये मूल्य के रेडीमेड परिधानों (गारमेंट्स) की खेप बरामद की है तथा इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और पूरे गिरोह का पता लगाने के लिए विभिन्न राज्यों में छापेमारी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हरियाणा के गुरुग्राम से एक निजी लॉजिस्टिक्स कंपनी के माध्यम से रेडीमेड वस्त्रों से भरा कंटेनर कोलकाता भेजा जा रहा था। मई माह के अंतिम सप्ताह में झारखंड के पाथरोल थाना क्षेत्र से गुजरने के दौरान कंटेनर कथित रूप से हाइजैक कर लिया गया। आरोप है कि कंटेनर में लदे महंगे परिधानों को झारखंड स्थित एक गोदाम में उतार लिया गया, जबकि खाली कंटेनर को पश्चिम बर्दवान जिले के कांकसा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 के किनारे लाकर छोड़ दिया गया, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
घटना के संबंध में कोलकाता स्थित संबंधित निजी कंपनी ने 3 जून को कांकसा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने विशेष जांच दल का गठन कर मामले की तह तक पहुंचने के लिए तकनीकी और मानवीय दोनों स्तरों पर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में कंटेनर चालक की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं, जिसके बाद जांच का दायरा झारखंड तक बढ़ाया गया।
पुलिस टीम ने झारखंड में कई स्थानों पर छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने एक गोदाम से लगभग 1.20 करोड़ रुपये मूल्य के गारमेंट्स बरामद कर लिए। अधिकारियों के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया है कि मूल चालक ने बरकट्ठा क्षेत्र में एक अन्य चालक को कंटेनर को कोलकाता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन उसने कथित रूप से माल सहित कंटेनर पर कब्जा कर लिया और सुनियोजित तरीके से पूरी खेप को गायब कर दिया।
मामले में शिकायतकर्ता कंपनी के स्वामी क्षेमराज बड़ाल ने कांकसा पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस ने लगातार कई दिनों तक विभिन्न राज्यों में समन्वित कार्रवाई कर न केवल पूरे मामले का खुलासा किया, बल्कि करोड़ों रुपये का माल भी सुरक्षित बरामद कर लिया। उन्होंने इसे पुलिस की दक्षता और प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया।
कांकसा थाना पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस हाइजैकिंग में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा चोरी के माल को बेचने या ठिकाने लगाने की क्या योजना बनाई गई थी। पुलिस का मानना है कि यह किसी संगठित गिरोह की सुनियोजित साजिश हो सकती है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पूरे प्रकरण की जांच अभी जारी है। अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में विभिन्न स्थानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि आगे की जांच में इस अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

















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