अंडाल : ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के केंदा क्षेत्र अंतर्गत बहुला स्थित प्योर जामबाद बंद ओपनकास्ट परियोजना (ओसीपी) में फ्लाई ऐश भराई कार्य के विरोध में शुक्रवार को स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने परियोजना स्थल के समीप एकत्र होकर प्रदर्शन किया तथा फ्लाई ऐश लेकर आने वाले वाहनों का आवागमन रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि परियोजना के कारण क्षेत्र में प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है और इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य तथा पर्यावरण पर पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि डीवीसी दुर्लभपुर से लाई जा रही फ्लाई ऐश के परिवहन एवं अनलोडिंग के दौरान बड़ी मात्रा में राख और धूल वातावरण में फैल रही है। इससे आसपास के गांवों में वायु प्रदूषण गंभीर रूप ले चुका है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि उड़ने वाली राख घरों, खेतों और जलस्रोतों तक पहुंच रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय निवासी मंजू बाउरी और सुशांत बाउरी ने बताया कि प्रदूषण के कारण लोगों में आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ तथा हृदय संबंधी समस्याओं की शिकायतें बढ़ रही हैं। उनका कहना है कि राख के कण कुओं और अन्य जलस्रोतों में भी पहुंच रहे हैं, जिससे पेयजल की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और स्वास्थ्य संबंधी खतरे लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने सड़कों की बदहाल स्थिति पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उनका आरोप है कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से ग्रामीण सड़कों की हालत जर्जर हो गई है। जगह-जगह गड्ढे बनने से आवागमन कठिन हो गया है तथा दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने मांग की कि सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

ग्रामीणों ने ईसीएल प्रबंधन पर स्थानीय लोगों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा भी समान रूप से आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
इस संबंध में ईसीएल प्रबंधन का कहना है कि बंद ओसीपी की वैज्ञानिक भराई के लिए डीवीसी को विधिवत कार्यादेश जारी किया गया है। प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि ग्रामीणों द्वारा उठाई गई शिकायतों और प्रदूषण संबंधी मुद्दों की गंभीरता से जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन के बाद बहुला क्षेत्र में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है तथा शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित एजेंसियां ग्रामीणों की मांगों पर क्या निर्णय लेती हैं।


















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