रानीगंज : रानीगंज के रातीबाटी इलाके में अन्नपूर्णा योजना के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए। योजना के तहत लाभ प्राप्त करने की उम्मीद में कई महिलाओं ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑफलाइन आवेदन जमा किया था, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद उनके बैंक खातों में राशि नहीं पहुंचने से स्थानीय महिलाओं में असंतोष फैल गया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सरकार की घोषणा के बाद अन्नपूर्णा योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं से ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन लिए गए थे। रातीबाटी क्षेत्र की कई महिलाओं ने पंचायत कार्यालय में निर्धारित तिथि पर ऑफलाइन फॉर्म जमा किया था। उस समय उन्हें यह आश्वासन दिया गया था कि ऑफलाइन आवेदन स्वीकार कर लिए गए हैं और उन्हें अलग से ऑनलाइन फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होगी।
हालांकि, लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी लाभार्थियों के खातों में कोई राशि नहीं पहुंची, जिससे वे पुनः पंचायत कार्यालय पहुंचीं। वहां पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि उन्हें अनिवार्य रूप से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इस विरोधाभासी सूचना से महिलाएं असमंजस और नाराजगी में आ गईं।
कई लाभार्थी महिलाओं ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने पहले ऑफलाइन फॉर्म जमा किया था, तब उन्हें स्पष्ट रूप से कहा गया था कि यह पर्याप्त है और ऑनलाइन प्रक्रिया आवश्यक नहीं है। लेकिन अब अधिकारियों द्वारा अलग जानकारी दिए जाने से वे भ्रमित हैं और आर्थिक सहायता से वंचित हो गई हैं।
कुछ महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि जांच के दौरान यह सामने आया कि उनके द्वारा जमा किए गए ऑफलाइन फॉर्म समय पर सही विभाग तक नहीं भेजे गए, जिसके कारण उनका आवेदन लंबित रह गया और भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठते हैं। गरीब और जरूरतमंद महिलाएं समय पर सहायता राशि पर निर्भर रहती हैं, ऐसे में प्रक्रिया में देरी या त्रुटि उनके लिए गंभीर समस्या उत्पन्न कर देती है।
इस पूरे मामले को लेकर महिलाओं में भारी असंतोष देखा गया और उन्होंने मांग की कि मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की समस्याएं दोबारा न हों।
प्रशासनिक स्तर पर फिलहाल इस विषय पर कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर स्थिति को सामान्य करने और आवेदनों की पुनः जांच की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

















Users Today : 7
Users Yesterday : 40