आसनसोल : शहर के प्रतिष्ठित विधानचंद्र (बीसी) कॉलेज में दो सहायक प्राध्यापिकाओं के बीच उत्पन्न विवाद ने गंभीर रूप धारण कर लिया है। राजनीति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष एवं सहायक प्राध्यापिका डॉ. अमृता बंदोपाध्याय ने अपनी सहकर्मी सहायक प्राध्यापिका सबेरा शर्मा बसु पर कार्यस्थल पर उत्पीड़न, बिना अनुमति मोबाइल फोन से तस्वीर लेने तथा शारीरिक दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद कॉलेज परिसर में पूरे दिन चर्चा का माहौल बना रहा और मामला प्रशासन तथा पुलिस तक पहुंच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार पूर्वाह्न डॉ. अमृता बंदोपाध्याय विभाग में विद्यार्थियों के दस्तावेजों के सत्यापन कार्य में व्यस्त थीं। इसी दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सहकर्मी ने उनकी अनुमति के बिना मोबाइल फोन से उनका चित्र ले लिया। आपत्ति जताने और चित्र हटाने का आग्रह करने पर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में विवाद में बदल गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की हुई, जिससे उनके हाथ में चोट आई। अन्य शिक्षकों के हस्तक्षेप के बाद संबंधित चित्र मोबाइल से हटाया गया।
घटना के उपरांत डॉ. अमृता बंदोपाध्याय ने कॉलेज के प्राचार्य डॉ. फाल्गुनी मुखोपाध्याय को लिखित शिकायत सौंपने के साथ ही हीरापुर थाना में भी प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस के निर्देशानुसार उन्होंने चिकित्सकीय परीक्षण कराया तथा संबंधित दस्तावेज भी जांच एजेंसी को उपलब्ध करा दिए। शिकायत दर्ज होने के बावजूद त्वरित कार्रवाई नहीं होने पर शुक्रवार को उन्होंने प्राचार्य कक्ष के बाहर शांतिपूर्ण धरना देकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। बाद में प्राचार्य एवं अन्य शिक्षकों ने उनसे बातचीत कर स्थिति सामान्य कराई।
मीडिया से बातचीत में डॉ. अमृता बंदोपाध्याय ने दावा किया कि पिछले कई वर्षों से उन्हें कार्यस्थल पर मानसिक उत्पीड़न, विभागीय कार्यों में असहयोग तथा अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में पूर्व में भी कई बार कॉलेज प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
दूसरी ओर, कॉलेज के प्राचार्य डॉ. फाल्गुनी मुखोपाध्याय ने कहा कि पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की परिषद के संयोजक को मामले की जांच का दायित्व सौंपा गया है तथा शनिवार को बैठक आयोजित कर सभी पक्षों की बात सुनी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी तथा मामले से संबंधित जानकारी कॉलेज के प्रशासक एवं जिला प्रशासन को भी भेजी जाएगी।
उधर, हीरापुर थाना पुलिस ने पुष्टि की कि उन्हें एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच प्रारंभ कर दी गई है। समाचार लिखे जाने तक आरोपित प्राध्यापिका की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। कॉलेज समुदाय अब निष्पक्ष जांच और प्रशासनिक निर्णय की प्रतीक्षा कर रहा है।

















Users Today : 7
Users Yesterday : 40