दुर्गापुर : सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी साझा करने के आरोप में दुर्गापुर पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर रविवार को अदालत में पेश किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने आरोपी को तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जा रहा है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद अशरफ के रूप में हुई है, जो दुर्गापुर के बेनाचिति क्षेत्र स्थित मस्जिद मोहल्ला का निवासी बताया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने अपने सोशल मीडिया खाते से एक पोस्ट साझा की थी। आरोप है कि इस पोस्ट में पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के संबंध में आपत्तिजनक और अशोभनीय टिप्पणी की गई थी। साथ ही एक स्थानीय क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कुछ विवादित बातें भी लिखी गई थीं।
बताया जा रहा है कि संबंधित पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद स्थानीय लोगों के संज्ञान में आई। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मामले पर आपत्ति जताते हुए दुर्गापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में सोशल मीडिया पोस्ट की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच प्रारंभ की। अधिकारियों ने संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण किया। प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां अदालत ने आगे की पूछताछ के लिए तीन दिनों की पुलिस हिरासत मंजूर कर दी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि विवादित पोस्ट किस परिस्थिति में साझा की गई, उसका उद्देश्य क्या था और क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भी कोई भूमिका है। जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल पुलिस ने जांच के हित में मामले से जुड़ी अन्य जानकारियां सार्वजनिक करने से परहेज किया है।

इस घटना को लेकर राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रिया सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रवक्ता सुमंत मंडल ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए और किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग स्वीकार्य नहीं है। वहीं पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वह पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि सोशल मीडिया मंचों का उपयोग करते समय कानून और सामाजिक मर्यादाओं का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल माध्यमों पर साझा की जाने वाली किसी भी सामग्री की जिम्मेदारी संबंधित उपयोगकर्ता की होती है। इसलिए किसी भी प्रकार की भ्रामक, आपत्तिजनक या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सामग्री साझा करने से बचना चाहिए। जांच पूरी होने के बाद ही मामले के संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।















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